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रूडकी। प्राथमिक शिक्षको के प्रमोशन में जिला शिक्षाधिकारी प्रा.शि.द्वारा गुपचुप ढंग से विद्यालय संशोधन करने का मामला पहुंचा जिलाधिकारी कार्यालय।

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आरिफ नियाज़ी।
रूडकी। प्राथमिक शिक्षको के प्रमोशन में जिला शिक्षाधिकारी प्रा.शि.द्वारा गुपचुप ढंग से विद्यालय संशोधन करने का आरोप लगाते हुए विद्यालय संसोधन का प्रत्यावेदन देने वाले तमाम प्रकरणों का पुनर्विचार कर निस्तारण करने का पत्र उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला महामंत्री जितेन्द्र कुमार चौधरी व पंकज लोचन कोषाध्यक्ष ने जिलाशिक्षाधिकारी को दिया हैं। विदित हो कि
दिनांक 19 अगस्त 2025 को शिक्षकों की निर्गत पदोन्नति आदेश के क्रम में शिक्षकों के द्वारा प्राप्त प्रत्यावेदनों पर निस्तारण के बाद भी अकेले पत्र निर्गत कर संसोधन की भनक लगे से यह विरोध के स्वर मुखर हुए हैं।


सहायक अध्यापक राजकीय प्राथमिक के पद से प्रधानाध्यापक राजकीय प्राथमिक व आदेश संख्याः रा०प्रा०वि०/149/ पदोन्नति / 2025-26 दिनांक 19 अगस्त 2025 के द्वारा सहायक अध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पद से सहायक अध्यापक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति आदेश निर्गत किये गये थे।
पदोन्नति सूची के सम्बन्ध में जनपद हरिद्वार के विकास खण्डवार कुछ पदोन्नत शिक्षकों के विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किये जाने हेतु समयवृद्धि एवं आबंटित विद्यालय संशोधन हेतु प्रत्यावेदन प्रस्तुत किये गये थे। प्राप्त प्रत्यावेदनों पर आदेश संख्या / रा०प्र०बे०/179/ पदोन्नति/2025-26 दिनांक 03 सितम्बर 2025 के कग में विज्ञप्ति / कार्यालय आदेश के अनुसार प्रधानाध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के 25 शिक्षकों के पद रिक्त नही होने के फलस्वरूप यथावत व आदेश संख्या / रा०प्र०वे०/180/ पदोन्नति / 2025 26 दिनांक 03 सितम्बर 2025 के क्रम में विज्ञप्ति/कार्यालय आदेश के अनुसार सहायक अध्यापक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के 9 शिक्षकों को पद रिक्त नहीं होने के फलस्वरूप यथावत रखते हुए प्राप्त प्रत्यावेदनों का निस्तारण किया गया था।
जिला महामंत्री जितेन्द्र चौधरी ने लिखित पत्र में कहा कि संगठन के संज्ञान में आया है कि आपके कार्यालय के द्वारा गुपचुप तरीके से संशोधन किये जा रहे है जो कार्यालय की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगता है।
उन्होने कहा कि या तो दिये गये सभी प्रत्यावेदनो पर पुनः विचार किया जाये अन्यथा संगठन आपके कार्यालय की इस तरह की भ्रष्ट कार्यशैली पर प्रदर्शन आदि की कार्यवाही करने के लिए बाध्य होगा।
उन्होने कहा कि संगठन के द्वारा आपसे अनुरोध किया गया था कि जिन शिक्षकों के प्रत्यावेदन आपके कार्यालय में प्राप्त हुए है उन सभी पर पुनः विचार करने का कष्ट करें। लेकिन आपके द्वारा अभी तक भी कोई संज्ञान नही लिया गया जो कि कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता हैं।

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