आरिफ नियाज़ी।
मंगलौर क्षेत्र के मोहम्मदपुर जट गांव में नन्हे बच्चों का बचपन गंभीर खतरे में नजर आ रहा है। यह दावा कोई और नहीं, बल्कि स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्कर और ग्राम प्रधान कर रहे हैं। गांव में कुल आठ आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों बच्चे सुबह-सवेरे शिक्षा और पोषण के लिए पहुंचते हैं।

हैरानी की बात यह है कि इन्हीं आंगनबाड़ी केंद्रों के पास एक बड़ा विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित है, जो हर समय बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। छोटे-छोटे बच्चों की चहल-कदमी के बीच खुले में रखा ट्रांसफार्मर किसी भी समय गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधान का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ना तो ट्रांसफार्मर को वहां से हटाया गया और ना ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। अब गांव के लोग और आंगनबाड़ी वर्कर प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि मासूम बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





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