आरिफ नियाज़ी।
रुड़की कुंजा क्षेत्र के महान शहीदों के सम्मान और ग्रामीण व अति पिछड़े क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए ‘शहीद स्मारक समिति’ एवं ‘कन्या शिक्षा प्रसार समिति’ कुंजा बहादरपुर के पदाधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समिति के पदाधिकारियों ने रुड़की पहुंचकर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2024 में की गई उस ऐतिहासिक घोषणा को याद दिलाया गया है, जिसके तहत शहीद राजा विजय सिंह के नाम पर क्षेत्र में एक राजकीय डिग्री कॉलेज खोला जाना प्रस्तावित था, जो किन्हीं कारणों से अब तक अमलीजामा नहीं पहन सका है।
समिति के पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन स्तर पर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी थी।जिसके चलते दून विश्वविद्यालय की उप-कुलपति महोदया के नेतृत्व में गठित एक उच्च स्तरीय निरीक्षण समिति द्वारा प्रस्तावित स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है। निरीक्षण समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के सभी बिंदु बेहद सकारात्मक और अनुकूल पाए गए हैं।
वर्तमान में कॉलेज के लिए चिन्हित की गई भूमि दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित है।
भूमि का पहला हिस्सा राजकीय इंटर कॉलेज के ठीक सामने है।
भूमि का दूसरा हिस्सा राजकीय इंटर कॉलेज के बिल्कुल बगल (बराबर) में है।
इन दोनों जमीनों के बीच की दूरी महज 150 मीटर है। इसी तकनीकी पेंच के कारण मामला अटका हुआ है।
ज्ञापन में समिति ने बेहद व्यावहारिक और सकारात्मक सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री से इस तकनीकी बिंदु पर विशेष सहमति प्रदान करने की अपील की है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार इस दूरी को स्वीकार करते हुए अपनी सहमति दे देती है, तो
भूमि के एक हिस्से का उपयोग कॉलेज के भव्य मुख्य भवन के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
भूमि के दूसरे हिस्से को छात्राओं के लिए खेल के मैदान के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इससे न केवल कॉलेज की जमीन की आवश्यकता पूरी होगी, बल्कि छात्राओं को खेलकूद के लिए एक बेहतरीन मैदान भी मिल सकेगा।
शहीदों का सम्मान और बालिकाओं की शिक्षा सर्वोपरि
प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि कुंजा बहादरपुर और आसपास का इलाका बेहद पिछड़ा है। यहाँ की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है। बल्कि इस ग्रामीण अंचल की बेटियों के सुनहरे भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त होगा। समिति को पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री अपनी घोषणा को जल्द से जल्द धरातल पर उतारेंगे। वही कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप सेशिवकुमार,जितेंद्र कुमार,नरेंद्र तोमर, डॉक्टर विजय कुमार,पवन तोमर (एडवोकेट),राजेंद्र प्रसाद,संजीव तोमर (पार्षद)
ओंकार सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
मंत्री प्रदीप बत्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि वह इस जनहित और शहीदों के सम्मान से जुड़े संवेदनशील मामले को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और जल्द से जल्द इस समस्या का सकारात्मक समाधान कराने का प्रयास करेंगे।





More Stories
रुड़की के पिरान कलियर में हरेला पर्व पर वृक्षारोपण; प्रमुख समाजसेवी मोहम्मद सत्तार और सभासद पति गुलफाम ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया ज़ोर।
हरेला प्रकृति और संस्कृति के समन्वय का महापर्व -कुलदीप सिंह बिष्ट।
हरेला पर्व पर नगर निगम रुड़की की बड़ी पहल, आदर्श नगर में रोपे गए छायादार पौधे,सुरक्षा के लिए लगाए ट्री-गार्ड