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हरेला प्रकृति और संस्कृति के समन्वय का महापर्व -कुलदीप सिंह बिष्ट।

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आरिफ नियाज़ी।

उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और संपन्नता का प्रतीक ‘हरेला पर्व’ आज प्रदेशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। इसी पावन अवसर पर राजकीय मुद्रणालय रूड़की में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर परिसर को हरा-भरा बनाने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
​वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में रोपे गए पौधे
​कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी चंद्रपाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श अरुण कुमार के कर-कमलों द्वारा पौधा रोपकर किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरेला सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सौंपने का संकल्प है। केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि एक बच्चे की तरह उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाना हम सभी का कर्तव्य है।
​राजकीय मुद्रणालय परिसर में आयोजित इस पौधारोपण अभियान में विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया। इस मुहिम को सफल बनाने में ​कुलदीप सिंह बिष्ट
​राजेश भट्ट,​किशन स्वरुप,रविन्द्र रावत,​बिरजेश,अनिल,​आरिफ
​दानिश आदि का विशेष योगदान रहा।
​इन सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया। साथ ही, पौधों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करने का भी जिम्मा लिया।
​कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित कार्मिकों ने प्रकृति को बचाने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की शपथ ली। राजकीय मुद्रणालय के इस सराहनीय कदम की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया है कि यदि हर सरकारी संस्थान और नागरिक इस तरह आगे आए, तो उत्तराखंड की हरियाली और खुशहाली को हमेशा के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

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