Jan Mudde

No.1 news portal of India

डिप्लोमा इंजिनियर्स महासंघ की हड़ताल तेरहवें दिन भी जारी, पूरे प्रदेश में कार्य पूरी तरह से प्रभावित।

Spread the love

आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज तेरहवें दिन भी जारी रही यह हड़ताल एक निर्णायक और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रदेशभर में अभियंताओं की अभूतपूर्व एकजुटता और निरंतर बढ़ती भागीदारी ने इस आंदोलन को अत्यंत प्रभावशाली और सशक्त बना दिया है।
हड़ताल का असर अब सीधे आम जनजीवन पर दिखाई दे रहा है, प्रदेश के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ चुके हैं और व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं।
आंदोलन को अब जनप्रतिनिधियों का खुला और सशक्त समर्थन प्राप्त हो रहा है। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा एवं गन्ना राज्य मंत्री श्याम वीर सैनी ने अभियंताओं की मांगों को न्यायोचित बताते हुए उनके पक्ष में सकारात्मक रुख अपनाया है।


इसके साथ ही अनेक विधायक एवं जनप्रतिनिधि भी आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं और अपना सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे अभियंताओं का मनोबल चरम पर पहुंच गया है।ढंडेरा में इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी महासंघ ने ज्ञापन सौंपा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमूल्य वालिया ने की, जबकि मंच संचालन अमर सिंह द्वारा किया गया।
महासंघ द्वारा प्रस्तुत विस्तृत ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने न केवल पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, बल्कि शासन स्तर पर ठोस एवं सकारात्मक परिणाम दिलाने का भरोसा भी दिलाया।
शासन की लगातार अनदेखी और ठोस निर्णयों के अभाव ने अभियंताओं को निर्णायक संघर्ष के लिए बाध्य कर दिया है। महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यह आंदोलन आर-पार की लड़ाई में बदल चुका है।
प्रदेशभर में सभी प्रमुख विभागों—ग्रामीण निर्माण, जिला पंचायत, शहरी विकास, सिंचाई एवं राष्ट्रीय राजमार्ग—के कार्य पूरी तरह ठप हैं। प्रशासनिक मशीनरी भी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े अभियंता भी पूर्ण रूप से आंदोलन में कूद चुके हैं।अधिशासी अभियंता से लेकर उच्च अधिकारी तक एकजुट होकर हड़ताल में डटे हुए हैं।
हड़ताल के दौरान सभी अभियंताओं की सहभागिता अनिवार्य कर दी गई है। “एकता, संघर्ष, विजय” के मूल मंत्र के साथ महासंघ अब निर्णायक जीत तक पीछे हटने को तैयार नहीं है।

• मुख्य मांगो. में वेतन विसंगतियों का तत्काल समाधान
• 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान लागू करना
• 2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को 5400 ग्रेड पे का लाभ
• 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन बहाल करना
• पेयजल एवं जल संस्थान का एकीकरण एवं राजकीयकरण
• उच्च पदों पर पदोन्नति हेतु समानांतर कैडर का गठन
• बाहरी एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों पर पूर्ण रोक
• कृषि अभियंत्रण निदेशालय की शीघ्र स्थापना,व्यापक समर्थन
इस आंदोलन में लोक निर्माण, सिंचाई, कृषि, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, लघु सिंचाई, पेयजल निगम एवं जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में ई० गौरव त्यागी, ए ई गोपाल सिंह रावत,ई० अमर सिंह, ई० विपिन सैनी, ई० अनुज सैनी, ई० नीटू, अनिल सैनी सहित अनेक अभियंताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आंदोलन को और अधिक तेज करने का आह्वान किया।

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369