Jan Mudde

No.1 news portal of India

झबरेड़ा विधायक के खिलाफ ऊर्जा निगम अधिकारियों ने दी पुलिस को तहरीर, अधीक्षण अभियंता ने की कड़ी निंदा,कहा—विधायक को शोभा नहीं देतीं ऐसी हरकतें।

Spread the love

आरिफ नियाज़ी।
रुड़की।
झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जात्ती द्वारा ऊर्जा निगम के सरकारी आवासों की विद्युत आपूर्ति काटे जाने की घटना को लेकर ऊर्जा निगम के अधिकारियों में भारी रोष व्याप्त है। इस मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं ऊर्जा निगम अधिकारियों की यूनियन ने भी विधायक के इस कृत्य की तीखी निंदा की है।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि विधायक द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल असंवैधानिक है, बल्कि सरकारी कार्य में प्रत्यक्ष रूप से बाधा उत्पन्न करने वाला है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के विद्युत पोल पर चढ़कर लाइन काटना अत्यंत खतरनाक है और इससे गंभीर विद्युत दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज किया जाना आवश्यक है।

अधीक्षण अभियंता ने कहा कि विधायक एक जनप्रतिनिधि होते हैं और उनकी एक गरिमा होती है। विरोध के लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके होते हैं, लेकिन इस तरह की हरकतें किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देतीं। विधायक का दायित्व जनता को समझाने और संयम बनाए रखने का होता है, लेकिन उन्होंने बिना संवाद के सीधे बिजली काटने जैसा कदम उठाया, जो अनुचित है।
गौरतलब है कि अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में झबरेड़ा कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जात्ती ने मंगलवार सुबह अपने समर्थकों के साथ ऊर्जा निगम के सरकारी आवासों पर पहुंचकर वहां की विद्युत लाइन काट दी थी, जिससे अधिकारियों के आवासों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
इस घटना से आक्रोशित ऊर्जा निगम के अधिकारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे, जहां बैठक कर इस कृत्य की निंदा की गई। इसके पश्चात विद्युत वितरण उपखंड प्रथम के उपखंड अधिकारी आकाश सिंह द्वारा सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर दी गई।
तहरीर में उल्लेख किया गया है कि विधायक वीरेंद्र जात्ती एवं उनके समर्थकों द्वारा अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत, अधिशासी अभियंता विनोद पांडे तथा मुख्य अभियंता पिटकुल अनुपम सिंह के विभागीय आवासों पर अनैतिक रूप से पहुंचकर हंगामा किया गया तथा अवैध रूप से विद्युत खंभे पर चढ़कर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के विभागीय विद्युत संयोजनों को काटा गया।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि विद्युत लाइन को निर्जीव किए बिना इस प्रकार कनेक्शन काटे जाने से किसी भी समय गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती थी। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369