आरिफ नियाज़ी।
मंगलौर देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मंगलौर विधायक काज़ी निजामुद्दीन और उनके भारी समर्थको ने उन्हें दिल्ली रोड़ स्थित एक वैडिंग पॉइंट में श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के जीवन, संघर्ष और किसानों और ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा। उन्होंने सदैव यह माना कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और कृषि आधारित भारत के विकास के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए। वे सादगी, ईमानदारी और स्पष्ट विचारधारा के प्रतीक थे। प्रधानमंत्री रहते हुए भी उन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हुए आम जन और विशेषकर किसान वर्ग की आवाज़ को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम के दौरान चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। विधायक ने कहा कि ग्रामीण विकास, भूमि सुधार और किसान हित से जुड़े उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके कार्यकाल के दौरान थे।
श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जात्ती ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक न्याय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मजबूत नींव रखी। युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने और देश सेवा में आगे आने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और किसान हित में उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। वहीं दोनों विधायकों ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा की वोट चोर गद्दी छोड़ की दिल्ली में हुई रैली से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है मोदी सरकार भी चौधरी चरण सिंह क़ो याद करना नहीं चाहती। इस अवसर पर नगर पालिका मंगलौर के चेयरमैन मोईनुद्दीन अंसारी, पूर्व चेयरमैन चौधरी इस्लाम,हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन हाजी राव शेर मोहम्मद, कांग्रेस नेता मीर हसन चेयरमैन, शमशाद अली, शाह वकार चिश्ती, आदित्तय चौधरी खेड़ा जट्ट, राजवीर सिंह टीकोला, रजत नगला सलारु, धनवेश राठी, संजीव कुमार, मोनू प्रधान मन्ना खेड़ी, वीरेंद्र मलिक, संजीत, मिंटू, यशपाल सिंह, नीटू, सुधीर, मुंडलाना, महमूद अंसारी और डॉ शराफत अंसारी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





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