आरिफ नियाज़ी।
मंगलौर के केवल कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में संस्कृत अकादमी द्वारा महात्मा गान्धी एवं लालबहादुर शास्त्री जयन्ती के अवसर पर उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी द्वारा पहली बार भव्य संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से आए प्रतिष्ठित संस्कृत कवियों ने भाग लिया और अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी यतीद्रानंद गिरी जी महाराज,आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत, संस्कृत अकादमी के निदेशक आनंद भारद्वाज और केवल कन्या पाठशाला के प्रबंधक डॉ रविन्द्र कपूर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रजलन के बाद इस मौक़े पर अध्यक्षता करते हुए महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज ने कंप्यूटर में संस्कृत की उपादेयता व्यक्त करते हुए नासा के द्वारा भी कंप्यूटर में संस्कृत के समायोजन के तथ्यों पर प्रकाश डाला।
उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी के निदेशक आनंद भारद्वाज ने कहा की उत्तराखण्ड सरकार ने संस्कृत को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान किया है और इसे बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयासरत है। आनन्द भारद्वाज ने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, मानव मूल्यों और वैज्ञानिक चिन्तन का मूल आधार है। डॉ. आनंद भारद्वाज ने संस्कृत अकादमी व संस्कृत भारती जनपद रूड़की के संयुक्त तत्वाधान में 11 संस्कृत शिक्षण केंद्र प्रारंभ करने की उद्घोषणा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड सरकार संस्कृत के विकास एवं संवर्धन के लिए कटिबद्ध है, संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, मानव मूल्यों और वैज्ञानिक चिन्तन का मूल आधार है।
उन्होंने कहा की इस प्रकार के आयोजनों से न केवल भाषा का संवर्धन होता है, बल्कि युवाओं में संस्कृत के प्रति रुचि भी उत्पन्न होती है। आज के संस्कृत कवि सम्मेलन में प्रस्तुत की गई रचनाओं में वेद, उपनिषद, अध्यात्म, प्रकृति और राष्ट्रप्रेम जैसे विविध विषयों की झलक देखने को मिली। आयोजन में स्थानीय नागरिकों, छात्रों, शिक्षकों और विद्वानों की भी बड़ी संख्या में सहभागिता रही। जिन्हे कॉलेज प्रबंधन द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस मौक़े पर प्रसिद्ध चिकित्सक कपूर मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल के निदेशक डा रवीन्द्र कपूर ने कहा कि संस्कृत से ही हम अपनी संस्कृति, संस्कार, आचरण और व्यवहार को श्रेष्ठ बना सकते हैं। यह उनका सौभाग्य है कि मंगलौर में प्रथम बार संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
संस्कृत कवि के रूप दिल्ली से डा जीतराम भट्ट, डा अंजूरानी, डा शंकर पाण्डेय, वाराणसी से डा शैलेश कुमार तिवारी, झारखंड से डा राहुल पोखरियाल, उत्तराखण्ड के ऊधमसिंह नगर से डा सुरेन्द्र कुमार शर्मा व डा उमेश जोशी, हरिद्वार से डा निरंजन मिश्र, डा प्रकाश चन्द्र पन्त, डा मनोहर लाल आर्य, सर्वेश तिवारी, देहरादून से डा नवीन जसोला, रुद्रप्रयाग से डा अरुणकिशोर भट्ट, अल्मोडा से डा हेमचंद्र बेलवाल ने संस्कृत में काव्यपाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर एच एम कपूर,भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन तोमर, होटल स्वामी हंसराज सचदेवा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजीव राठौर, प्रदीप त्यागी, सुरेन्द्र कुमार सैनी, प्रदीप वधावन, सजय कालरा, प्रिंसिपल डॉ सविता वत्स, प्रिंसिपल डॉ दीपिका, प्रिंसिपल मनोज सैनी, प्रिंसिपल विजय चौधरी, कवि किसलय सैनी क्रन्तिकारी,एस के सैनी, नवीन शरण निशचल, राजेश सैनी, प्रदीप त्यागी, नरेन्द्र आहूजा, अशोक शर्मा, डॉ चिश्ती, प्रमुख समाजसेवी कुंवर जावेद इक़बाल, पूर्व ओ एस डी उत्तराखण्ड सरकार ठाकुर नरेन्द्र सिंह, कवि सुबोध पुंडीर,डॉ विनय प्रताप सिंह,पंकज गर्ग, डॉ शुभम दीक्षित कार्यक्रम में वैदिक मंगलाचरण जगद्गुरु श्रीचन्द्र संस्कृत विद्यालय के ब्रह्मचारियों ने किया।
कार्यक्रम का संचालन अकादमी के शोध अधिकारी डा हरीशचन्द्र गुरुरानी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन केवल कन्या पाठशाला की प्रधानाचार्या ने किया।
कार्यक्रम में खण्ड शिक्षाधिकारी नारसन मैराज आलम, गणेश प्रसाद फोन्दणी, पंकज नेगी, प्रो रजत अग्रवाल संस्कृतभारती रुडकी की जनपद अध्यक्ष डा भारती शर्मा, मंत्री श्रद्धा हिन्दू, गीताशिक्षण प्रमुख डा कल्पना वत्स, डा शालिनी त्रिपाठी, अनिल गोयल, सुषमा चौधरी, एकता वासुदेवा, राहुल जखमोला डा रामेश्वर ,जयलता,रीता शर्मा,कार्तिक जोशी, सुदेश शर्मा, सुष्मिता, प्रदीप रोशियान, वासुदेव पन्त, सतेन्द्र तोमर,पंकज गर्ग,एस के सैनी,डा अशोक शर्मा, राजेश सैनी, प्रदीप त्यागी,डा विनय प्रताप सिंह, नवीन शरण, राजकुमार उपाध्याय, नरेंद्र आहूजा,अनीता गुप्ता,ममता शर्मा,राज कुमार सिंह,प्रदीप वाधवा,संजय कालरा,आदि उपस्थित रहे।
*





More Stories
देहरादून से हरिद्वार की ओर जा रही तेज़ रफ़्तार एक कार हाइवे पर पलटी, तीन घायल
इज़ईराल और ईरान युद्ध पर नगर निगम के पूर्व पार्षद संजीव शर्मा की भारत को सलाह
मंगलौर में ख़ामनेई की मौत पर ज़ोरदार प्रदर्शन,अमेरिका–इज़राइल के खिलाफ जताई कड़ी नाराज़गी