मोहम्मद शामिक
रुड़की राज्य आंदोलनकारी समिति के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज के दिन को काले दिवस के रूप मनाया है इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की भाजपा और कांग्रेस की सरकारों पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हज़ारों आंदोलनकारियों ने प्रदेश के गठन को लेकर अपनी जान की कुर्बानी दी लेकिन आज उन्हें उत्तराखंड की सभी सरकारों ने भुला दिया है। आंदोलनकारियों के हत्त्यारे खुलेआम घूम रहे हैं जिनके सरकारों ने प्रमोशन भी किये हैं लेकिनआंदोलनकारियों की किसी को ज़रा भी कोई चिंता नहीं है। आज दो अक्टूबर के दिन दर्जनों आंदोलनकारी काली पट्टी बांधकर सरकार के विरोध में एसडीएम कार्यालयनपर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
आज शनिवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी समिति के संरक्षक राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपनी जान की कुराबानी देने वाले शहीदों को आज तक भी न्याय नहीं मिल पाया है उन्होंने कहा कि सरकार की कमज़ोर पैरवी के चलते आज भी आंदोलनकारी इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 26 साल बाद भी आंदोलनकारियों को इंसाफ नहीं मिला है आज भी उत्तराखंड राज्य के लोगों के हत्त्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। कहा कि राज्य आंदोलनकारी की उपेक्षा तथा वांचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण न किए जाने के कारण आंदोलनकारियों में भारी रोष है।
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उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार द्वारा खेले गए खूनी खेल जिसमें 42 आंदोलनकारी शहीद हुए थे सैकड़ों लापता हुए तथा हजारों गायब रहें थे जब तक उन्हें न्याय नही मिलता तब तक इसकी लगातार निंदा की जाती रहेगी।उन्होंने कहा कि इसलिए आज उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एवं परिवार के सदस्यों ने हाथों में व मुहं पर काली पट्टी बांधकर व काला मास्क लगाकर प्रदर्शन किया है।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने सांकेतिक धरना दिया उससे पूर्व महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रेम सिंह रावत, नरेंद्र गोसाई, जगदीश खड़ायत, आनंद सिंह रावत,अशोक, कुंवर सिंह डंगवाल, पुष्कर सिंह नेगी, पार्वती देवी, शकुंतला, सतेंद्र रावत, प्रदीप बूढ़ाकोटी, विनोद रावत,खेमचंद खंतवाल,मातबर सिंह, बसंत जोशी, सतीश चौधरी, विनय जोशी, बीना नेगी, तेजपाल, जसपाल नेगी, अमित मेहता, बाबूराम सैनी, पीतांबर कोठियाल, विनम्र जोशी, सुनील जोशी, अनूप सिंह नेगी प्रदीप बूढ़ा कोटि आदि शामिल रहे।



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