आरिफ़ नियाज़ी
मंगलौर नगर पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी ने नगर पालिका चेयरमैन पर बड़ा हमला बोला है ।बसपा विधायक का आरोप है कि मंगलौर नगर पालिका की फाइल चेयरमैन के आवास पर हैं जिन्हें चेयरमैन दिखाने से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइल ना मिलने से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका लग रही हैजिसकी जांच होना बेहद आवश्यक है। विधायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को भी नगरपालिका के भ्रष्टाचार से अवगत करा दिया है जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
बसपा विधायक यहीं नहीं रुके उन्होंने बड़ी बेबाकी के साथ कहा कि नगर पालिका से फाइलों का गायब होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है जो भी अधिकारी या चेयरमैन भ्रष्टाचार में लिप्त होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र के विकास के लिए काम करती है जिसमें प्रदेश सरकार भारी भरकम बजट भेजती है लेकिन उस बजट को ठिकाने लगाने के लिए पालिका से फाइलें ही गायब करा दी गई।उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलौर की नगर पालिका के चेयरमैन और अधिकारियों को कस्बे के विकास से कोई लेना देना नहीं है सभी अपना विकास करने में लगे हुए हैं जल्द ही वह नगरपालिका का पुनः निरीक्षण करेंगे और वहां की फाइलों को बारीकी से देखेंगे।
हाजी सरवत करीम अंसारी ने कहा कि मंगलौर नगर पालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी जड़ें काफी दूर तक पहुंच चुकी है अब ऐसा नहीं चलेगा अब उनका ध्यान सबसे अधिक मंगलौर कस्बे के विकास पर केंद्रित रहेगा ।विधायक ने कहा कि अभी तक जो विकास कार्य हुए हैं उनकी भी जांच कराई जाएगी। गुणवत्ता का ध्यान रखना उनकी पहली प्राथमिकता होगी अब पुराना ढर्रा नहीं चलेगा जो भी अधिकारी इसमें दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी ने कहा कि आगामी 10 अक्टूबर को वह नगर पालिका में पहुंचेंगे जहां पर वह सभी निर्माण कार्य से संबंधित फाइलें भी देखेंगे। गौरतलब है कि मंगलौर से बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी और नगर पालिका चेयरमैन दिलशाद अहमद के बीच लगातार दूरियां बढ़ती जा रही है एक तरफ जहां बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी ने नगरपालिका के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल रखा है तो वही नगर पालिका चेयरमैन दिलशाद अहमद का कहना है कि बसपा विधायक किसी भी तरह से जांच करा लें उन्हें कहीं पर भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि बसपा विधायक के नगरपालिका के खिलाफ मोर्चा खोलने से पालिका कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है अब मंगलौर कस्बे की जनता की नजर आगामी 10 अक्टूबर को पालिका के निरीक्षण पर नजरें टिकी है अब देखने वाली बात यह होगी की विधायक को नगर पालिका से गुम हुई फाइलें मिलती है या नहीं।

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