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इस्लाम दरिया दिली फ़रोग दिली और एकता भाईचारे का नाम है किसी की गर्दन काटने वाला मुसलमान नहीं हो सकता -आचार्य

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आरिफ़ नियाज़ी

जवालापुर में जशने ईद ए मिलादुन्नबी कार्यक्रम में पहुंचे आध्यत्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन ने पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हज़रत मोहम्मद साहब ने हमेशा भाईचारे प्यार मोहब्बत का पैगाम दिया। उन्होंने कहा की हज़रत मोहम्मद साहब सभी लोगों से मोहब्बत करते थे जो लोग उनके विरोधी थे वह उन्हें भी मोहब्बत का पैगाम देते थे। आचार्य ने कहा कि कुछ लोग इस्लाम को तलवार की नोक पर फैलने का दावा कर उसे बदनाम करते हैं जबकिं इस्लाम तलवार से नहीं बल्कि आपसी भाईचारे और प्यार मोहब्बत से फैला है। आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा कि किसी की गर्दन काटने वाला कभी मुसलमान नहीं हो सकता बल्कि इस्लाम इंसानियत और भाईचारे का नाम है।

इस्लाम दरियादिली और फ़रोग दिली का नाम है। प्रमोद कृष्णनन ने कहा कि कुछ लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं वह शैतान हैं जो शैतानियत को कभी नहीं छोड़ सकते। कुछ मुसलमान इस्लाम को मानते हैं लेकिन जानते नहीं जब इस्लाम को लोग बेहतर तरीके से समझ जाएंगे तब कोई उल्टे सीधे आरोप नहीं लगा पाएंगे।उन्होंने कहा कि दुनिया मे इस्लाम को मानने वाले लाखों करोड़ों लोग हैं लेकिन आज की सियासत समाज के भाईचारे और प्यार मोहब्बत को खत्म कर देना चाहती है उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग नफरतों की सियासत करते है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता उहोने कहा कि भले ही मेरी जान चली जाए लेकिन हिंदुस्तान के आपसी सौहार्द और भाईचारे में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

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उन्होंने जैसे ही एक नात पढ़नी शुरू की तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने नात पढ़ते हुए कहा कि मोहम्मद जाने रहमत हैं कोई माने या ना माने,खुदा को उनसे उल्फत है कोई माने या ना माने। इस दौरान कलियर शरीफ दरगाह के सज्जादानशीं शाह अली मंज़र एजाज़ साबरी ने कहा कि पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब ने दुनिया को अमन सलामती और आपसी भाईचारे का पैगाम दिया।उन पर लोगों ने काफी ज़ुल्म किये लेकिन आपने सब्र और तहामुल से काम लिया।

उन्होंने कहा कि बड़े बड़े दरवेशों और सज्जादों ने हकूमतों को कुछ नहीं समझा लेकिन आज कुछ लोग इस्लाम को दहशत गर्दी करार देते हैं जबकि इस्लाम ने प्यार मोहब्बत का संदेश दिया। इस मौके पर कलियर शरीफ फैजाने वाहिद खानकाह के हज़रत सैयद फरीद, कार्यक्रम के आयोजक शादाब साबरी, को कांग्रेसी नेता नईम कुरैशी,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली, कार्यक्रम का संचालन शायर अफ़ज़ल मंगलौरी ने किया।

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