उत्तराखंड में राशनकार्ड धारकों को राशन की दुकान (सस्ता गल्ला) से अब तीन महीने नहीं बल्कि पूरे साल हर महीने 20 किलो अनाज मिलेगा। जबकि जिन किसानों और व्यापारियों ने भूमि के विनियमितीकरण के लिए धनराशि जमा की है, उनका पुरानी दरों पर विनियमितीकरण किया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि इसके लिए 28 मई को होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि आगामी कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा। वहीं, जिन किसानों और व्यापारियों ने भूमि के विनीयमितीकरण के लिए जिस दिन धनराशि जमा की थी, उनके लिए उसी दिन का रेट तय किया जाएगा। खाद्य विभाग की ओर से राशन ढुलान के लिए सहकारिता के 22 करोड़ के बिल का भुगतान होना है।

इसके लिए आठ करोड़ केंद्र सरकार से मिलना था, लेकिन यह धनराशि अब तक नहीं मिली। जबकि इस मद में 13.50 करोड़ का बजट राज्य सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 20 करोड़ भी जारी किया गया है। बैठक में मंत्री ने बताया कि हल्द्वानी के एफसीआई के गोदाम की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा अन्य गोदामों का भी प्रस्ताव मांगा गया है।

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