आरिफ नियाज़ी।
रुड़की के सिविल अस्पताल परिसर के पास देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर पर आधा दर्जन से अधिक अज्ञात युवकों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुई इस वारदात से मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अस्पताल के बाहर भीड़ एकत्रित होते देख सभी हमलावर पीड़ित को लहूलुहान अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पीड़ित की पहचान मगरूमपुर दीदाहेड़ी गांव निवासी अब्दुल वली पुत्र नूर मोहम्मदके रूप में हुई है, जो रुड़की के ही एक निजी अस्पताल में बतौर कंपाउंडर कार्यरत है।
अब्दुल वली ने बताया कि देर शाम जब वह अपने साथी के साथ किसी काम से सिविल अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचा, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से ज्यादा युवकों ने बिना कुछ कहे उस पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे तब तक बेरहमी से पीटा जब तक कि वह अधमरा होकर जमीन पर नहीं गिर गया। हमलावर उसे बेहोश समझकर तुरंत मौके से भाग निकले।
घायल कंपाउंडर का फिलहाल सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है। होश में आने के बाद पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना से ठीक एक दिन पहले एक अस्पताल के मालिक ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी थी, जिसे उसने उस समय गंभीरता से नहीं लिया था।
पीड़ित का सीधा आरोप है कि उसी अस्पताल स्वामी ने रंजिश के तहत उस पर यह जानलेवा हमला करवाया है।
घायल अब्दुल वली के अनुसार, उसने हमलावरों की पहचान कर ली है और उसके पास इस साजिश से जुड़े पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वह लिखित शिकायत के साथ पुलिस को सौंपेगा।
हालांकि मारपीट की यह पूरी सनसनीखेज घटना पास में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की शिनाख्त करने में जुट गई है।जैसे ही अब्दुल वली पर हमले की खबर उसके गांव भारापुर और परिजनों तक पहुंची तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण सिविल अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से औपचारिक तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। पुलिस CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ा रही है और दावा किया जा रहा है कि हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





More Stories
सिविल लाइन श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर में पाँच दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य समापन,नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल, 2701 मेधावियों को सौंपी डिग्रियाँ, देश सेवा और नवाचार का दिया संदेश।
उत्तराखंड में ‘दावों’ तले सिसकता शिक्षा का ढांचा, भगवानपुर के सरठेड़ी स्कूल में ना शौचालय, ना पानी, जमीन पर गोबर का लगा अंबार।