आरिफ नियाज़ी।
आज के इस दौर में जहाँ सोशल मीडिया और सार्वजनिक विमर्श अक्सर सतही बातों तक सीमित रह जाते हैं, वहीं युवा अधिवक्ता राव बिलावर एक गंभीर और सकारात्मक बदलाव के वाहक बनकर उभरे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के रोजगार जैसे बुनियादी जन-मुद्दों पर अपनी बेबाक राय और धरातल पर किए जा रहे कार्यों के कारण वह आज युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत साबित हो रहे हैं पेशे से अधिवक्ता राव बिलावर केवल कोर्ट-कचहरी तक ही सीमित नहीं हैं। अपनी व्यस्त विधि प्रैक्टिस से समय निकालकर वे अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित कर रहे हैं। उनका मानना है कि न्याय केवल कानूनी किताबों में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मुस्कुराहट में भी होना चाहिए।
राहत फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से राव बिलावर और उनके साथियों की टीम हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज करा रही है। उनके सेवा कार्यों की फेहरिस्त लंबी है।
शिक्षा के अधिकार को लेकर जागरूकता फैलाना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में जरूरतमंदों की मदद करना उनकी प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट केवल शब्द नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का आइना होती हैं, जो सीधे तौर पर शासन-प्रशासन और जनता का ध्यान आकर्षित करती हैं। गरीब कन्याओं के विवाह में उनकी ओर से दी जाने वाली ‘गुप्त मदद’ उनकी निस्वार्थ सेवा भावना को दर्शाती है।
बिखरते रिश्तों को जोड़ना है प्राथमिकता
राव बिलावर का एक विशेष प्रयास पारिवारिक विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से हल करना है। राव बिलावर एडवोकेट का कहना हैं की उनकी प्राथमिकता है कि सुलभ न्याय के माध्यम से परिवारों के बिखरे हुए रिश्तों को फिर से संवारा जाए। कानूनी लड़ाई से इतर, रजामंदी से सुलझाए गए मामले समाज में शांति और प्रेम का संचार करते हैं।रोजगार का मुद्दा हो या न्याय की मांग, राव बिलावर ने यह साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। उनकी कार्यशैली और बेबाकी ने उन्हें आज के युवाओं के बीच एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
समाज के हर वर्ग से उन्हें समर्थन मिल रहा हैं जो इस बात का प्रमाण है कि राव बिलावर जैसे युवा ही भविष्य के सशक्त और समृद्ध भारत की नींव हैं।
राव बिलावर का मानना हैं की अधिवक्ता सच्ची जन सेवा ही मेरा एकमात्र संकल्प है।-





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