रुड़की जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सुशील चौधरी एक बार फिर बड़ी चर्चा में है इस बार पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री अशोक वर्मा ने 61 लाख की जमीन हड़पने का आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है।
हालांकि पुलिस ने अशोक वर्मा की तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और अमानत में ख़यानत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला पूर्व चेयरमैन से जुड़ा होने के चलते और पूर्व चेयरमैन के बड़े रसूख होने के कारण पुलिस अब गहनता से जांच शुरू की है।
दरअसल रुड़की निवासी दर्जा प्राप्त पूर्व राज्य मंत्री अशोक वर्मा ने बताया कि 2017 में सुशील चौधरी जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन थे उनके साथ काफी गहरी दोस्ती थी जिसके चलते पूर्व चेयरमैन ने उन्हें एक बेशकीमती जमीन खरीदने का भरोसा दिलाया जिसमें उन्हें मोटा मुनाफा होना था।
पूर्व चेयरमैन ने उनसे एक करोड़ बतौर उधार देने की मांग की जिसके चलते उन्होंने पच्चीस पच्चीस लाख दो बार और चार लाख एक बार दिए।यह रकम भी उन्होंने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखकर जुटाई थी। जिसके बाद सुशील चौधरी ने कहा कि वह इस रकम को मय ब्याज के समय पर लौटा देंगे।इसके बाद पूर्व चेयरमैन ने उन्हें जिला सहकारी बैंक में नौकरी लगाने की बात कही जिसमें उन्होंने उनके बेटे की भी नौकरी लगाने वायदा किया। इस नियुक्ति में उनसे पूर्व चेयरमैन ने दस लाख की मांग की थी लेकिन उन्होंने सात लाख रुपए दे दिए।
इसके बाद ना तो उन्हें जमीन मिली ना पैसा मिला और ना ही उनके बेटे को नौकरी मिली जिसके चलते वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।अशोक वर्मा ने बताया कि उनके पास सुशील चौधरी को दी गई रकम के सभी साक्ष्य मौजूद हैं ।उन्होंने कहा कि अब सुशील चौधरी द्वारा रकम लौटाने से साफ इंकार कर दिया गया है।गौरतलब है कि सुशील चौधरी पहले भी विवादों में रहे हैं वहीं झबरेड़ा पुलिस तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है।





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