आरिफ नियाज़ी
रुड़की ग्रामीण विद्युत वितरण खण्ड कार्यालय पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन क्रांति के सैंकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया।और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।ऊर्जा निगम द्वारा लगातार किसानों और आम जनता के शोषण से किसान नेता बेहद नाराज़ थे।इस दौरान भारतीय किसान मजदूर यूनियन क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिश्ती आलम ने आरोप लगाया की ऊर्जा निगम के अधिकारियों की मनमानी के चलते आज किसान बेहद परेशान है
आलम यह है की मंगलौर में ऊर्जा निगम की तानाशाही के चलते अधिकारी बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं करते इतना ही नहीं बिजली के घरेलू कनेक्शन पर भी सुविधा शुल्क लिया जाता है।बिजली चोरी के नाम पर किसानों का लगातार शोषण हो रहा है हाइटेंशन लाइन का कई गांव में खतरा बना हुआ है टीडीएस कंपनी बिजली के बिलों में बड़े पैमाने पर घोटाला कर रही है जिसकी जांच होना बेहद जरूरी है किसानों से मोटी रकम के बिल वसूले जा रहे हैं।
जिसका भार आम आदमी और किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा की बिलों की बढ़ोतरी को ऊर्जा निगम के अधिकारी कम भी नहीं करते जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।उन्होंने कहा की मंगलौर और लंढौरा क्षेत्रों में बिजली के ठीक तरह से ट्रांसफार्मर नहीं है जिससे लोगों को लॉ वोलेटेज की समस्या रहती है अगर जल्द ही ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान ना दिया तो किसान बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस दौरान किसानों ने ऊर्जा निगम लंढौरा एस डी ओ को एक ज्ञापन भी सौंपा है। जिसमें मंगलौर के मुंडलाना गांव में हाइटेंशन की लाइन से लोगों को खतरा बताया गया है वहीं गांव के बिजली बिलों में बढ़ोतरी और हाइटेंशन की चपेट में आने से कई हादसे होने का आरोप भी ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर लगाया।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एम एम मलिक और अध्यक्षता यूनियन के तहसील महामंत्री राव मोहम्मद इकबाल ने की।इस मौके पर राव अहतशाम, राव औरंगजेब, समेत सैंकड़ों किसान मौजूद रहे।





More Stories
इमलीखेड़ा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का दूसरे दिन 332 मरीज़ों ने उठाया लाभ,निःशुल्क रही लैब जांच, एक्स-रे और दवा वितरण।
रुड़की डायट में बेखौफ चोरों का तांडव, CCTV कैमरे तोड़कर केबल तार ले उड़े चोर, अब प्राचार्य की PRD जवानों की मांग।
रुड़की में ऊर्जा निगम के खिलाफ सुराज सेवा दल का ज़ोरदार प्रदर्शन, बिजली चोरी के नाम पर शोषण और भारी-भरकम बिल भेजनें का आरोप।