Jan Mudde

No.1 news portal of India

रूड़कीं रहमानिया वक्फ की कमेटी को लेकर सरगर्मियां तेज़, शहर के तीन लोगों ने किया आवेदन,मुजीब मलिक बने जनता की पहली पसंद

Spread the love

आरिफ़ नियाज़ी

रूड़कीं रहमानिया अरबी मदरसा वक्फ नंबर 113 की कमेटी बनाये जाने को लेकर शहर के लोग भी अब देहरादून वक्फ बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने लगे हैं। लोग भी नई कमेटी को लेकर बेहद उत्साहित नज़र आ रहे हैं। सभी की नज़र अब इस कमेटी पर लगी है ।उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड का गठन होने के बाद अब रहमानिया वक्फ कमेटी बनाये जाने की कवायद तेज हो गई है।जिसके लिए रूड़कीं के लोगों ने भी कमेटी बनाने के लिए आवेदन किया है। अभी तक रूड़कीं निवासी अब्दुल मलिक, प्रमुख समाजसेवी सलीम खान और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हाजी मुस्तकीम ने अपनी अपनी कमेटी बनाए जाने के लिए आवेदन किया है।

हालांकि हाजी मुस्तकीम ने रहमानिया अरबी मदरसे का प्रशासक बनाये जाने के लिए आवेदन किया है। वहीं प्रमुख समाजसेवी मुजीब मलिक शहर के लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं लोगों का कहना है कि मुजीब मलिक ने बिना किसी पद के रहमानिया वक्फ के मदरसे और मस्जिद को बनाने में जो योगदान दिया वह काबिले तारीफ है।गौरतलब है कि अभी तक रहमानिया अरबी मदरसे की ज़िम्मेदारी प्रशासक के तौर पर कार्यपालक अधिकारी तंज़ीम अली देख रहे है। लेकिन अब वक्फ बोर्ड बनने के बाद कुछ लोग अपनी कमेटी बनवाने की कावायद में जुट गए हैं।

लेकिन जितना कार्य पिछले समय मे मस्जिद और अरबी मदरसे में मुजीब मलिक का रहा है उतना किसी और का नहीं रहा इतना ही नहीं प्रमुख समाजसेवी डॉ इरशाद मसूद के द्वारा कराए गए कार्यों को भी काफी सराहा जा रहा है।खास बात यह है कि शहर के प्रमुख समाजसेवी मुजीब मलिक का अरबी मदरसे और मस्जिद के निर्माण में बहुत अहम योगदान है अगर उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड मुजीब मलिक जैसे व्यक्ति को रहमानिया वक्फ की ज़िम्मेदारी सौंपता है तो उसके परिणाम भी काफी बेहतर हो सकते हैं।मुजीब मलिक ने जो काम किया है उसे शहर के लोग आज भी याद करते हैं। यही कारण है कि मुजीब मलिक इस इदारे के लिए और भी बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन कुछ लोगो की बदौलत मुजीब मलिक ने रहमानिया अरबी मदरसे से पीछे हटना ही मुनासिब समझा अब जबकि वक्फ बोर्ड बन चुका है ऐसे में एक बार फिर रहमानिया वक्फ की कमेटी को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई है

ऐसे में मुजीब मलिक लोगों की पहली पसंद हैं हालांकि उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड को ही कमेटी बनानी है जिसके लिए पहली वक्फ बोर्ड में रहमानिया वक्फ की कमेटी का प्रस्ताव रखा जाएगा। कमेटी किसकी बनेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इतना ज़रूर है कि कमेटी के लिए अब शहर के लोग देहरादून वक्फ बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने लगे हैं।

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369