आरिफ़ नियाज़ी
विश्वं प्रसिद्ध हज़रत साबिर साहब की दरगाह खुलने के बाद देश के कोने कोने से बड़ी संख्या में ज़ायरीन कलियर शरीफ पहुंचने लगे हैं। गौरतलब है की कोरोना काल में साबिर साहब की दरगाह को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था जिसके चलते कलियर शरीफ में बाहर से ज़ायरीन नहीं पहुंच पा रहे थे तीन माह बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सीईओ के आदेश पर दरगाह को खोल दिया गया है। दरगाह खुलने के बाद उत्तराखंड उत्तरप्रदेश बिहार,गुजरात पंजाब और महाराष्ट्र के ज़ायरीन भी दरगाह में पहुंचने लगे हैं।
ब्रहस्पतिवार को गुजरात के ज़ायरीन उत्तराखंड इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मुफ़्ती रईस के साथ कलियर शरीफ दरगाह में पहुंचे जहां उन्होंने दरगाह पर फूल और चादर चढ़ाई। इस दौरान उत्तराखंड इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मुफ्ती रईस ने दरगाह पर कोरोना जैसी बीमारी के खात्मे की दुआएं मांगी तो वही देश और प्रदेश की तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की । इस दौरान मुफ्ती रईस ने बताया कि दरगाह साबिर साहब में पहुंचने पर उन्हें बेहद सुकून हासिल होता है साबिर साहब के दरबार में बड़े-बड़े लोग अपनी मन्नत मुरादें लेकर दरगाह में पहुंचते हैं उन्होंने कहा कि गुजरात के मुन्ना भाई अपसरा और गौरा भाई सूरत गुजरात से दरगाह में अपनी हाजिरी देने के लिए पहुंचे हैं।

मुफ़्ती रईस ने कहा कि कलियर शरीफ बेहद मुतबर्रक जगह है जहां साबिर साहब की दरगाह है यहां बहुत बड़ी हस्ती हैं यहां आने का उन्हें सर्फ़ हासिल हुआ है इससे बढ़कर कोई बात हो ही नहीं सकती। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की खुशहाली और अमन सलामती के लिए भी दुआएं की गई है खासतौर से प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए उनके स्वस्थ रहने और प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गई है ।उन्होंने कहा कि करोना की तीसरी लहर ना आ सके इसके लिए विशेष दुआएं की गई है देश और प्रदेश फिर से इसी तरह खुशहाल हो हिन्दू मुस्लिम सभी एकजुट होकर देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करें यही हमारी दुआ है।
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इस मौके पर सूरत गुजरात निवासी मुन्ना भाई अफसरा और गौरा भाई ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा कि उन्होंने पूरे मुल्क और अपने प्रदेश के की तरक्की के लिए खास दुआएं की हैं दरगाह प्रबंधन के बहुत बेहतर इंतज़ाम हैं। उन्होंने कहा कि दरगाह में जो भी दुआएं मांगी जाती हैं हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर की बारगाह में वो सभी पूरी होती हैं। उन्होंने कोरोना जैसी बीमारी के खात्मे की भी दुआ मांगी है। इस मौके पर सूरत गुजरात केनगौरा भाई और थनाभवन से कारी अल्ताफ हुसैन थानवी आदि भी मौजूद रहे।



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