आरिफ नियाज़ी।
हरिद्वार। जनपद में PCPNDT अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और न्यायपालिका ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार द्वारा कनखल क्षेत्र के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र के स्वामी को दोषी पाते हुए एक लाख का आर्थिक जुर्माना और न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 2 साल के कारावास की सजा भुगतनी होगी।
दरअसल पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कनखल स्थित ‘मदर केयर क्लीनिक’ में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गंभीर अनियमितताएं मिली थीं।
यह अल्ट्रासाउंड केंद्र बिना वैध पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।जिस पर तत्कालीन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरिद्वार न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था।साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केंद्र स्वामी को अधिनियम का पालन न करने का दोषी पाया और यह सजा सुनाई।उन्होंने बताया की रुड़की में भी :3 मशीनें सील की गई है।हालांकि
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने कहा कि जिले में पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
”पिछले एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रुड़की क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर 3 अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील किया है। ये मशीनें उपयोग में नहीं थीं, जिससे इनके दुरुपयोग की आशंका बनी हुई थी। एहतियात के तौर पर यह सीलिंग की कार्रवाई की गई है।”सी एम ओ डॉ. आर. के. सिंह ने चेतावनी दीं हैं की प्रशासन ने जिले के सभी अल्ट्रासाउंड और इमेजिंग सेंटरों को सख्त हिदायत दी है कि वे नियमों के दायरे में रहकर ही संचालन करें। अवैध संचालन और लिंग जांच जैसे कानूनी अपराधों पर आगे भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।





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