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आपत्तिजनक वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल करने के मामले ने पकड़ा तूल, समाज़वादी पार्टी के नेता समीर आलम ने जताई कड़ी आपत्ति।

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आरिफ नियाज़ी।
रूड़की महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास कुछ युवको द्वारा आपत्तिजनक वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया हैं इस वीडियो में आपत्तिजनक गाना लगा हुआ है जो एक धर्म विशेष के खिलाफ हैं।
इस बाबत समीर आलम ने कहा की जिनकी प्रतिमा के पास ये लोग खड़े है वो महान महाराणा प्रताप उन्होंने हमेशा सभी धर्मो का सम्मान किया है इन लोगो को उनके इतिहास के बारे में जरा भी जानकारी नही है ऐसे लोग वीर योद्धा महाराणा प्रताप के नाम को भी खराब कर रहे है इनको ये भी जानकारी नही है की महाराणा प्रताप ने हमेशा मुगलों के खिलाफ युद्ध लड़े है भारत के मुसलमानों के खिलाफ उन्होंने कभी कुछ नहीं कहा। समीर आलम ने कहा की महाराणा प्रताप ने हमेशा मुस्लिमों पर पूरा भरोसा किया जिसका उदाहरण इस बात से लगाया जा सकता है उनकी सेना में कई मुस्लिम
कमांडर थे महाराणा प्रताप ने धर्म के आधार पर कभी कोई भेदभाव नहीं किया महाराणा प्रताप तो भारत के मुस्लिमो पर पूरा भरोसा करते थे उनके भरोसे का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है हल्दीघाटी का वो 1876 का ऐतिहासिक युद्ध जिस्में वीर महाराणा प्रताप ने अपने एक मुस्लिम वफादार मुख्य सेनापति हकीम ख़ान सूरी के नेतृत्व में अपने सेना युद्ध के लिए भेजी जिसमें हकीम ख़ान सूरी ने महाराणा प्रताप के भरोसे और विश्वाश को रखते हुए और अपनी मातृभूमि कि रक्षा करते हुए युद्ध के मैदान में अपने प्राण न्योछावर तक कर दिए इस घटना को कैसे भूल सकते है।महाराणा प्रताप के मुस्लिम प्रेम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं की अपनी सल्तनत की बड़ी जिम्मेदारी काज़ी ख़ान के अलावा अन्य मुस्लिम लोगों को तोप और गोले बारूद, हथियारों की ज़िम्मेदारी सौंप रखी थी। क़ाज़ी ख़ान और दूसरे मुस्लिमों ने भी महाराणा प्रताप को अपनी वफ़ादारी जमकर दिखाई जिसमें अकबर के साथ युद्ध लड़ा गया था। समीर आलम ने कहा कि वीर योद्धा महाराणा प्रताप दूसरे धर्मो का कितना सम्मान करते थे इस बात का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है जब अकबर के सेनापति अब्दुर रहमान ख़ान ए खाना ने मेवाड़ पर आक्रमण किया तो एक मौके पर महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह ने रहीम के शिविर पर हमला कर उनकी बेगमों और परिवार की महिलाओं को बंदी बना लिया जब महाराणा प्रताप को यह बात पता चली तो वह अपने पुत्र पर बेहद क्रोधित हुए उन्होंने तत्काल आदेश दिया कि दुश्मन की महिलाओं का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा है महाराणा प्रताप ने उन सभी मुस्लिम महिलाओं को पूरी सुरक्षा और पूरे सम्मान के साथ वापस अब्दुर रहीम के पास भिजवा दिया अब्दुर रहीम का मन परिवर्तन महाराणा प्रताप के इस गरिमापूर्ण व्यवहार से प्रभावित होकर अब्दुर रहीम ख़ान ए खाना का दिल परिवर्तन हो गया और उन्होंने महाराणा प्रताप के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ने से साफ मना कर दिया और उनकी प्रशंसा में कई दोहे लिखे उनका प्रसिद्ध था दोहा मेवाड़ के गौरव को समर्पित है”” जो दृढ़ रखे धर्म को तिही राखे करतार जी इण धर्म रो पालन करे वो ही है मेवाड़ी, सरदार, लेकिन ऐसे महान योद्धा महाराणा प्रताप के मूर्ति पर जाकर आज कुछ घटिया सोच के लोग मुस्लिमो के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देते है और गाने बजाते हैं इन लोगों ने कभी महाराणा प्रताप को पढ़ा या सुना ही नहीं है ये तो इंस्टा फेसबुक और व्हाट्स ऐप यूनिवर्सिटी वाले लोग है इनको सिर्फ और सिर्फ महापुरुषों के नाम पर अपने आप को चमकाना है और कुछ नहीं यह घटिया मानसिकता के लोग है जो अपने ही भारत को कमजोर करना चाहते है उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया की आज उत्तराखंड पुलिस के पास हर संसाधन है पुलिस इन लोगों पर कठोर कार्यवाही करे आखिर क्यों यह लोग समाज के अंदर जहर घोलने का काम कर रहे है आखिर पुलिस किसके दबाव में इन लोगों पर कार्यवाही करने से बच रही है कब तक पुलिस चुप रहेगी।

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