आरिफ नियाज़ी।
नारसन स्थित राजा महेंद्र प्रताप पीजी कॉलेज में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोजन और अव्यवस्थाओं को लेकर शिक्षकों के भारी आक्रोश की खबर को ‘जनमुद्दे’ द्वारा प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।
खबर का संज्ञान लेते हुए एडीएम पीचा राम चौहान शनिवार को स्वयं कॉलेज पहुंचे। जहाँ उन्होंने ना केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि शिक्षकों के साथ बैठकर भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ए डी एम पीचा राम चौहान ने बताया की पहले चरण में भवनों की गणना की जानी है जिसके लिए
टीम का गठन किया जाना है इसके लिए शिक्षकों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो गांव-गांव जाकर डेटा जुटाएंगी।प्रशिक्षण में प्रत्येक कक्ष में 50-50 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं।यह तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
उन्होंने बताया की रुड़की ब्लॉक जनपद का बड़ा ब्लॉक है, इसलिए विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।
बता दें कि शुक्रवार को भोजन की निम्न गुणवत्ता और लचर व्यवस्थाओं को लेकर प्रतिभागियों ने मौके पर ही विरोध जताया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। शिक्षकों का आरोप था कि बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।हालांकि
प्रशासनिक सख्ती के बाद आज नजारा बदला हुआ नजर आया । जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप कुमार समेत ऋषिपाल, मनोज कुमार, योगेंद्र कुमार और अन्य शिक्षकों ने बताया कि शुक्रवार को हुई अव्यवस्थाओं को अधिकारियों ने तत्काल सुधार दिया था । अब भोजन और अन्य व्यवस्थाएं पूरी संतोषजनक हैं और किसी से कोई शिकायत नहीं है
300 से अधिक शिक्षकों के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण की जिम्मेदारी जिला और तहसील प्रशासन की है। एडीएम के साथ नायब तहसीलदार यूसुफ अली और तहसील पटवारी पंकज राणा भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर हर बारीक व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि जब मीडिया जनता की आवाज को मजबूती से उठाता है, तो तंत्र को जवाबदेह बनना ही पड़ता है। ‘जनमुद्दे’ की खबर के बाद प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा है।





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