आरिफ नियाज़ी
एक तरफ जहाँ उत्तराखण्ड सरकार सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने की क़वायद में जुटी है तो वहीं कुछ शिक्षक छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान देना तो दूर मासूम. बच्चों को पीटने से भी बाज़ नहीं आ रहे हैं ताज़ा मामला नारसन के कोटवाल आलमपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का है जहाँ का शिक्षक हैवान बन गया और उसने कक्षा एक के मासूम बच्चे की जमकर डंडे से पिटाई कर दीं।
पीड़ित बच्चा शिक्षक के सामने रोता गिड़गिड़ाता रहा लेकिन हैवान शिक्षक को उस पर ज़रा भी दया नहीं आई किसी तरह बच्चा अपने घर पहुंचा तो उसके शरीर पर पिटाई के गंभीर निशान देखकर परिजन भी हैरत में पड़ गए। पीड़ित छात्र के परिजनों ने शिक्षक की शिकायत पुलिस से की है फिलहाल पुलिस ने बच्चे का मैडिकल कराया है।
वहीं स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कहना है की छात्र स्कूल नहीं आ रहा था जिसके चलते उसके पिता द्वारा ही उसके साथ मारपीट की गई है।
उन पर लग रहे आरोप बेबुनियाद है फिलहाल पीड़ित परिवार में शिक्षक को लेकर भारी रोष वयाप्त है। बड़ा सवाल यह है की जिन शिक्षकों पर समाज में तालीम देने की ज़िम्मेदारी है अगर वहीं मासूम बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे तो शिक्षा हासिल करना बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा।





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