आरिफ नियाज़ी।
रुड़की यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर स्थित दरगाह पहलवान शाह के हटाने की शिकायत पर स्थानीय लोग एक जुट होने लगे हैं।दरगाह पर विशेष भंडारा करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि जो लोग इस दरगाह को हटाने की बात कर रहे हैं वह किसी धर्म और जाति के नहीं हो सकते हैं ।इस दरगाह पर हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।यह दरगाह लोगों की आस्था से जुड़ी है अगर इस दरगाह को हटाने की कोशिश की गई तो यहां लोग धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।यह दरगाह 18वीं सदी के प्रारम्भ की मानी जाती है जहां पर सैंकड़ों हिंदू श्रद्धालु हर रोज अपनी मन्नत मुरादें लेकर पहुंचते हैं। इस मौके पर रामकुमार,संजय,अंकित,अनिकेत,मदनलाल,राहुल,यशपाल,हरिराम, लक्ष्मीचंद,रामदास,जयभगवान,आदि ने आरोप लगाया कि जो लोग दरगाह तोड़ने की बात कर रहे हैं वह किसी धर्म के नहीं हो सकते ।आप देख सकते हैं कि महिला श्रद्धालु आज भी बाबा पहलवान शाह के मजार पर पहुंचकर देश और प्रदेश की अमन सलामती की दुआएं मांग रहीं हैं दरगाह के बाहर भंडारा चल रहा है। माना यह जाता है कि जो भी इस दरगाह पर आता है वह खाली हाथ नहीं लौटता।बाबा पहलवान शाह की दरगाह से लोगों की सच्ची आस्था है यही कारण है कि अधिकारियों ने भी दरगाह की भूमि काफी छोड़ दी है।बाबा पहलवान शाह के बड़े बड़े करिश्में हैं जिन्हें आज भी लोग बताते हैं ।
गौरतलब हैं कि सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस दरगाह को हटाने की मांग की है जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया है उन्होंने साफ साफ कहा कि अगर दरगाह की तरफ किसी ने देखने की कोशिश की तो इसके अंजाम बुरे होंगे।





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