आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड सरकार ऐसे मज़ारो को तोड़ रही है जो या तो अवैध हैं या फिर हाइवे की ज़द में आ रहें हैं लेकिन कुछ ऐसे भी लोग समाज में हैं जिनका दरगाहों या मजारों से कोई लेना देना नहीं है लेकिन वह मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए कुछ ना कुछ ऐसा करते रहते हैं जिससे वह खबरों में बने रहें।रुड़की में भी कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है।दरअसल यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर सिंचाई अनुसंधान संस्थान की नई बिल्डिंग के पीछे पहलवान शाह की काफी पुरानी दरगाह है जिस पर हिन्दू मुस्लिम समाज से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जाते हैं और हर बृहस्पतिवार को अपनी श्रद्धा के अनुसार दरगाह पर हाजरी देते हैं ।माना यह जाता है पहलवान शाह की दरगाह पर आने वाले लोग कभी निराश नहीं लौटते और दरगाह में आने वाले सभी लोगों की मन्नत मुरादें पूरी होती हैं।लेकिन सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सैनी को इस मजार पर अनैतिक कार्य और अवैध निर्माण का डर सता रहा है इसलिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें बताया गया है कि यहां एक अवैध मजार है जिस पर अब अवैध निर्माण या अनैतिक कार्य हो सकते हैं। इसलिए इस मजार को जल्द से जल्द हटाया जाए । फिलहाल पत्र के आधार पर जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा सिंचाई विभाग से मजार को लेकर पूरी जानकारी मांगी गई है जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। यह मजार यूपी सिंचाई विभाग की भूमि में है जो काफी पुराना बताया जाता है। अब देखना यह है कि इस मजार पर कब तक कार्रवाई हो पाती है।





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