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राशनकार्ड ना होने पर अधिकारियों के सामने फफक कर रोने लगी महिला,सात साल के मासूम मूकबधिर बेटे को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर महिला

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आरिफ़ नियाज़ी

एक तरफ जहां उत्तराखंड सरकार सरकारी योजनाएं पहुंचाने के लाख दावे करती है तो वही यह दावे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं। खास तौर से खाद्य पूर्ति अधिकारी अपनी ड्यूटी को ठीक तरह से अंजाम नहीं दे रहे हैं। ताजा मामला गुरुकुल नारसन का है जहां ब्लॉक में पहुंची महिला ने खाद्य आपूर्ति अधिकारियों पर बीपीएल का राशन कार्ड ना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है महिला का आरोप है कि वह पिछले लंबे समय से अपना राशन कार्ड बनवाने के लिए खाद्य आपूर्ति अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रही है लेकिन उसके आज भी उसका राशन कार्ड नहीं मिल पाया है

इतना ही नहीं महिला का आरोप है कि राशन कार्ड ना होने के कारण उसे सरकार से किसी योजना का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिला का आरोप था कि उसका अभी तक आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पाया है जबकि उसका सात साल का मासूम बच्चा जब दो साल का था तब वह छत से नीचे गिर गया था जिसका जौलीग्रांट स्थित हॉस्पिटल में उपचार कराया जहां उसके लाखों रुपए खर्च हुए लेकिन उसका मासूम बच्चा आज तक भी ना तो बोल पाता है और नाही सुन पाता है। आज भी उसका बेटा एक तरह से मूकबधिर है।

महिला का आरोप है कि उसका पति मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार को चलाता है जो अक्सर बीमार रहता है वह बेहद गरीब है जिसे अपना परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।दौरान नारसन ब्लॉक में पहुंची पीड़ित महिला इतनी भावुक हो गई कि वह अधिकारियों के सामने फफक कर रोने लगी। अधिकारियों ने उसे जल्द ही राशनकार्ड बनाने का आश्वासन दिया।

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