आरिफ नियाज़ी
देहरादून शिक्षा निदेशालय में प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विद्यालयी शिक्षा के शैक्षिक संगठनों के साथ उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में आज एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमे उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ० अनिल शर्मा एवं प्रान्तीय महामन्त्री जगमोहन सिंह रावत ने पुरजोर तरीके से अशासकीय विद्यालयों से सम्बंधित मांगे शिक्षा मन्त्री के समक्ष उठाई।
इस दौरान शिक्षा मंत्री के सामने सर्वप्रथम अशासकीय विद्यालयों की समीक्षा के संदर्भ में जारी निदेशक के पत्र की भाषा पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ० अनिल शर्मा ने सरकार, शासन और विभाग पर अशासकीय विद्यालयों के प्रति सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पत्र की भाषा अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपमानित एवं आहत करने वाली है। इस पर मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पत्रों की भाषा सदैव संयत, शिष्ट और सकारात्मक होनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने प्रान्तीय नेतृत्व के इस अनुरोध से भी अपनी सहमति व्यक्त की कि समीक्षा देहरादून निदेशालय के बजाय जनपद केन्द्रों पर की जाये। उन्होंने इसके लिए महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा को निर्देश दिया कि प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों से हजारों प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों के देहरादून आने के बजाय समीक्षा दल जनपदों में जाये।
स्वतः सत्र विस्तरण, अशासकीय विद्यालयों में पति-पत्नी दोनों को आवासीय भत्ता, सामूहिक बीमा कटौती, NPS कटौती का सीधे प्रान एकाउंट में जाना आदि विषयों पर सकारात्मक परिणाम ना आने पर भी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए अतिशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
तदर्थ शिक्षकों के विनियमतिकरण, मानदेय प्राप्त पी०टी०ए० शिक्षकों की तदर्थ नियुक्ति, प्रबंधकीय व्यवस्था में कार्यरत छुटे हुए देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार और अन्य जनपदों के समस्त पी०टी०ए० शिक्षकों को मानदेय की परिधि में लाने के विषयों पर भी संगठन ने पुरजोर तरीके से अपनी बात रखी। इन विषयों पर शिक्षा मंत्री एवं उच्चाधिकारियों ने सकारात्मक प्रगति का संकेत दिया।
तदर्थ सेवा काल की गणना, चयन/प्रोन्नत वेतनमान पर एक वेतन वृद्धि, आयुष्मान भारत अटल आयुष्मान गोल्डन कार्ड की सुविधा तत्काल देने, अहर्ता प्राप्त कार्यरत समस्त प्रभारी प्रधानाचार्यों को 05 जनवरी 2022 के शासनादेश के क्रम में तत्काल डाउनग्रेड में स्थायी करने, नियुक्तियों में शैक्षणिक अनुभव एवं अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाओं की प्रतिभागिता के अधिभार अंक देने, अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी राजकीय की भाँति पुस्तकें, टेबलेट, पोशाक एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान करने, उच्चीकृत विद्यालयों में पूर्व की सेवा का लाभ दिये जाने, वेतन निर्धारण में वित्तविहीन सेवाकाल की गणना और 2005 से पूर्व अनुमोदन प्राप्त शिक्षकों को जी०पी०एफ० कटौती व पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने, चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती का अधिकार प्रधानाचार्यों/ प्रधानाध्यापकों को देने, कक्षा अनुभाग निर्धारण में छात्र संख्या सीमा राजकीय की भाँति करने आदि विषयों पर भी संगठन ने शिक्षा मंत्री को विस्तार से समझाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
शिक्षा मंत्री रावत ने मण्डलीय अपर निदेशक माध्यमिक, गढ़वाल मण्डल पौड़ी एम० एस० बिष्ट को प्रभारी प्रधानाचार्यों को डाउनग्रेड वेतनमान में स्थायी करने के काफी समय से विलंबित समस्त प्रकरणों के निस्तारण का आदेश दिया।
अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं पर अलग से चर्चा करने की मांग पर सहमति व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने 04 अगस्त अथवा शीघ्र ही कोई नजदीक की तिथि में फिर से बैठने की बात कही। वेतन विसंगति और अन्य वित्तीय मामलों को सुलझाने के लिये शिक्षा मंत्री ने अपर सचिव को समिति गठित करने का आदेश दिया।
अपर सचिव द्वारा बार-बार नियम कानून की बाध्यता का हवाला देने पर प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ० अनिल शर्मा ने जोर देकर कहा कि सरकार के प्रतिनिधि शिक्षा मंत्री हमारे साथ बैठे हैं। नियम कानून बनाना और उनमें संशोधन करने का कार्य सरकार का है। डॉ० शर्मा ने कहा कि हमारी मांगों के समाधान के संदर्भ में सरकार विषयों को कैबिनेट में लाये, संशोधन कर विधानसभा में पारित कराये, जो आवश्यक हो वह करे, हमें तो समाधान चाहिए।
बैठक के पश्चात प्रान्तीय नेतृत्व ने निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा श्रीमती वन्दना गर्ब्याल से मिलकर रूद्रप्रयाग जनपद के पाँच विद्यालयों के वेतन रोके जाने का मामला उठाया, जिस पर निदेशक महोदया ने दूरभाष पर जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल वेतन भुगतान का आदेश दिया। वित्त नियंत्रक गुलफाम अहमद से मिलकर जूनियर के बजट की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि किसी तकनीकी गलती में सुधार के लिए अनुदान बजट को वापस वित्त विभाग को भेजना पड़ा जो एक दो दिन में आ जायेगा और तत्काल जनपदों को आबंटित कर दिया जायेगा। इस अवसर पर संगठन के प्रान्तीय आय-व्यय निरीक्षक यशवन्त सिंह भण्डारी एवं जिलाध्यक्ष पौड़ी डॉ० महावीर सिंह बिष्ट भी साथ थे।
शिक्षा मन्त्री डॉ० धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सम्पन्न इस महत्त्वपूर्ण बैठक में शासन एवं विभाग के समस्त उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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