आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड में किसानों और ऊर्जा निगम के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। बिजली विभाग के अवर अभियंताओं के कथित अड़ियल रवैये और तानाशाही रवैये से आक्रोशित उत्तराखंड किसान मोर्चा ने प्रशासन और ऊर्जा निगम के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर किसानों के उत्पीड़न का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाग के कई अवर अभियंता जनप्रतिनिधियों और किसानों की जायज समस्याओं को सुनने तक को तैयार नहीं हैं। बिजली दफ्तरों में किसानों के साथ संवेदनहीन व्यवहार किया जा रहा है।
किसान मोर्चा ने गांव-गांव और कृषि क्षेत्रों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर कड़ा एतराज जताया है। किसान नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि किसान “किसी भी सूरत में स्मार्ट मीटर को बर्दाश्त नहीं करेंगे” और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।मोर्चा के जिला अध्यक्ष महकार सिंह ने सरकार और विभाग के समक्ष प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी किसानों के कृषि नलकूपों के लिए बिजली पूरी तरह मुफ्त की जानी चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके।किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि ऊर्जा निगम ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद नहीं किया, तो किसान उग्र आंदोलन और बिजली दफ्तरों के घेराव के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।इस मौक़े पर
समीर आलम,सुरेंद्र नंबरदार,धर्मेंद्र सिंह
तेजवीर सिंह,अकील हसन,सरवर अली
मानववर अली
जॉनी,सुधीर चौधरी
आज़म अली,गुड्डी
जफर अली,रहमान अली,असजद अली
विनोद टिकोला
दीपक पुंडीर,रफ़ी और
आशीष आदि शामिल रहे।





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