Jan Mudde

No.1 news portal of India

पिरान कलियर शरीफ हज़रत साबिर पाक के उर्स में उमड़ा आस्था का समंदर, गुजरात के प्रसिद्ध लोखंडवाला परिवार ने दरगाह पर पेश किए फूल और चादर।

Spread the love

आरिफ नियाज़ी।
​ पिरान कलियर
​विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक का सालाना उर्स मुबारक पिरान कलियर शरीफ में बेहद धूमधाम और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। आस्था के इस संगम में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों की संख्या में जायरीन साबिर पाक के दर पर हाजिरी लगाने और अपनी मुरादें मांगने पहुंच रहे हैं।
​इसी कड़ी में गुजरात के सुप्रसिद्ध उद्योगपति दिवंगत इब्राहिम सेठ लोखंडवाला के पोते आसिफ सेठ लोखंडवाला भी अपने सहयोगियों के साथ कलियर शरीफ पहुंचे हैँ । इस दौरान उन्होंने मज़ार-ए-अकदस पर अकीदत के फूल और मखमली चादर पेश की। इस दौरान उन्होंने देश में अमन-चैन, खुशहाली, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगीं।
​दरगाह में हाजिरी के दौरान आसिफ सेठ लोखंडवाला ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि उनके दादा और परदादा के ज़माने से ही उनके परिवार की अकीदत कलियर शरीफ दरगाह से जुड़ी हुई है। उनके बुजुर्ग हर साल उर्स मुबारक के मौके पर कलियर शरीफ आते थे और दरगाह की तमाम धार्मिक रस्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। परिवार उसी पुरानी और पवित्र परंपरा को आज भी पूरी अकीदत के साथ आगे बढ़ा रहा है।​आसिफ सेठ लोखंडवाला ने अपनी सामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया क़ी
​ऑल इण्डिया मेमन जमात पिछले 23 वर्षों से यह संगठन मजबूती के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। वर्तमान में इससे 500 से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़ चुके हैं, जो निरंतर जरूरतमंदों की मदद और समाज सुधार के कार्यों में लगे हैं।वह
​वर्ल्ड मेमन फाउंडेशन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन के भी सक्रिय सदस्य हैं। यह फाउंडेशन पूरी दुनिया में बिना किसी भेदभाव के लगातार मानव सेवा और जनकल्याणकारी कार्यों में समर्पित है।हालांकि ​उर्स मुबारक के इस रूहानी माहौल में जायरीनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है और पूरा कलियर क्षेत्र ‘साबिर पाक’ के जयकारों और सूफियाना कलामों से गुंजायमान है।वहीं अंतराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलौरी ने बताया क़ी लोखंडवाला परिवार से उनका बेहद पुराना रिश्ता रहा हैं लोखंडवाला परिवार के हर सुख दुख में वह प्रमुखता से शिरकत करते हैँ। उनके पूर्वज हमेशा उर्स के मौक़े पर कलियर दरगाह क़ी रस्मो में भाग लेते रहे और बड़ी अक़ीदत के साथ दरगाह में हाज़री देते थे उनके वंशज आज भी दरगाह से जुड़े हैँ।इस दौरान उनकी खानकाह में बाहर से पहुंचे कव्वालो ने एक से बढकर एक कलाम पेश किए।

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369