आरिफ नियाज़ी
रूड़की विकास खंड कार्यालय के हॉल में कृषि विभाग द्वारा ‘किसान दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों प्रगतिशील किसानों सहित विभिन्न संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक खेती की तकनीकों को साझा करना और सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे किसानों तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से किसानों को निशुल्क और सब्सिडी वाले आधुनिक कृषि यंत्रों के बारे में जागरूक किया गया, ताकि खेती को तकनीक से जोड़कर सुगम बनाया जा सके। जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी ने मृदा स्वास्थ्य और खाद-बीज की उन्नत किस्मों के प्रयोग पर बल दिया एक तरफ
जहाँ एक ओर सरकारी योजनाओं की किसानो को जानकारी दी गई तो वहीं दूसरी ओर किसानों ने अपनी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से रखा। कार्यक्रम में पहुंचे किसानों ने सामूहिक रूप से अपील की कि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है जिससे उन्हें राहत दिलाई जाए। अन्नदाताओं ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि वर्तमान में खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उपज का सही मूल्य और रिकवरी न मिलने के कारण किसान घाटे की मार झेल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान एक चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया कि खेती में बढ़ते जोखिम और कम मुनाफे के चलते नई पीढ़ी इस पुश्तैनी व्यवसाय से किनारा कर रही है। किसानों का कहना है कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में कृषि कार्य करना और भी दुभर हो जाएगा।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, मोहम्मद ताहिर, डॉ. वाई. पी. सैनी, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि सैनी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, ए.डी.ओ. कृषि मनोज कुमार, अनिल कुमार मलिक, पहल सिंह, उपेंद्र कुमार, सतेंद्र सिंह, जितेंद्र शर्मा, ललित कुमार, राजकुमार, संजीव कुमार और प्रगतिशील कृषक सतेंद्र त्यागी उपस्थित रहे।





More Stories
अयातुल्ला सयैद खामनेई “शहीदे इन्सानियत ” हैं वो कभी मर नही सकते -प्रो नियाज़ी
रूड़की में कांग्रेस को लगा झटका, कांग्रेस नेत्री ऋतू कंडियाल युकेडी में शामिल
मुल्क संविधान से चलता है, डरने की ज़रूरत नहीं: मौलाना नसीम अहमद कासमी