आरिफ नियाज़ी
हरिद्वार।कुछ दिन पूर्व उत्तराखंड के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक नौडियाल एवं उनके कार्यालय कार्मिकों के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में सर्वसम्मति से गठित प्रांतीय कोर कमेटी के आह्वान पर जिले भर में शिक्षकों और विभागीय कार्मिकों ने कार्य बहिष्कार किया और जोरदार नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया।
जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय तथा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी, आज हरिद्वार के परिसर में आयोजित धरना कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार संबंधित विधायक को बचाने में लगी है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि विधायक और उनके समर्थकों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई तो शिक्षक “आर-पार की लड़ाई” लड़ने को मजबूर होंगे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विपिन कुमार, जिला मंत्री मुकुल चौहान, वित्त एवं लेखाधिकारी सत्येंद्र डबराल, महेश चंद्र मैठाणी, देव शर्मा, मुकेश शर्मा, दीपक सैनी, संतोष चमोला, महेश उप्रेती, बृजेश शर्मा सहित उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी योगेंद्र बडोनी, दिशांत पुंडीर, तुषाल, पूर्णिमा बिष्ट, राधा रानी, नमिता, मोनिका, राखी आत्रेय, रीना सैनी, ममता, मंसूबा, जितेंद्र कुमार, प्रियांशु चौहान, रोहन अरोड़ा तथा चतुर्थ श्रेणी संघ के जिला मंत्री दिवान राम, भोपाल और रामकिशन समेत अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





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