आरिफ नियाज़ी।
भगवानपुर के ग्राम बिंदूखड़क स्थित एक ईंट भट्टे पर मजदूरों को बंधक बनाए जाने की सूचना से बुधवार को तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, लेबर इंस्पेक्टर और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची।मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और मजदूरों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की बंधुआ मजदूरी या जबरन रोककर रखने की स्थिति नहीं पाई गई।
हालांकि किसी व्यक्ति ने प्रशासन को सूचना दी थी कि भट्टे पर काम कर रहे मजदूरों को जबरन रोका गया है और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक संयुक्त टीम मौके पर रवाना की।
टीम में संबंधित थाना पुलिस के साथ-साथ लेबर इंस्पेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने मजदूरों से अलग-अलग पूछताछ की, लेकिन मजदूरों ने बताया कि वे अपनी इच्छा से कार्य कर रहे हैं और किसी प्रकार की जबरदस्ती नहीं की गई है।

प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थानों के लिए सुरक्षित भेजने की व्यवस्था कराई। साथ ही, ईंट भट्टा संचालक को भी श्रम कानूनों के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
तहसील प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की बंधुआ मजदूरी या जबरन श्रम कराए जाने की शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





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