आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड जमीयत उलेमाए हिन्द ने सुन्नी और शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड, के निर्देशानुसार अब उत्तराखंड राज्य के सभी मुतवल्ली एवं प्रशासकों को अपनी वक़्फ़ संपत्तियों का विस्तृत विवरण Umeed पोर्टल (उम्मीद पोर्टल) पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने की अपील की है। जमीअत उलेमा ए हिन्द उत्तराखंड के अध्यक्ष मुहम्मद आरिफ कासमी ने कहा की
सभी वक़्फ़ संपत्तियों का डिजिटलीकरण एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। सभी मुतवल्लियों और प्रशासकों को अपने-अपने वक़्फ़ की सम्पूर्ण जानकारी जल्द से जल्द अपलोड करनी चाहिए।
इसमें वक़्फ़ का नाम एवं पंजीकरण संख्या,
वक़्फ़ संपत्ति का विवरण (जमीन, भवन, दुकान आदि)
किरायेदारों की जानकारी (यदि कोई हो),
आय व व्यय का ब्योरा,
वर्तमान मुतवल्ली या प्रशासक का नाम व संपर्क विवरण।
हालांकि वक़्फ़ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रविष्टियाँ 05 दिसंबर 2025 तक Umeed Portal पर पूरी कर ली जानी चाहिए। निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना अपलोड न करने वाले मुतवल्लियों या प्रशासकों के विरुद्ध वक़्फ़ अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है।
इस पहल का उद्देश्य राज्यभर की वक़्फ़ संपत्तियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ बनाना है।
मौलाना ने सभी मुतवल्लियों से अपील की है कि वे इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अपने वक़्फ़ की समस्त जानकारी सही और पूर्ण रूप से पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि यह कदम वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण और उनके सही उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, मौलाना मोहम्मद हारून ने भी मुतवल्लियों से आग्रह किया कि वे समय पर जानकारी दर्ज कर राज्य के डिजिटल वक़्फ़ प्रबंधन अभियान को सफल बनाएं।
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