आरिफ नियाज़ी।
नारसन के नगला ऐमाद गांव में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्ज़े का मामला तूल पकड़ गया है ग्राम प्रधान श्रीमती सीमा देवी द्वारा ग्राम समाज की बेशकीमती भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए जिला अधिकारी से लेकर शासन तक शिकायत कर डाली है जिससे कब्ज़ेधारियों में हड़कंप मचा हुआ है अगर शिकायत को अधिकारियो ने गंभीरता से लिया तो जल्द ही यह भूमि कब्ज़ामुक्त हो जायेगी इस भूमि पर लाखों के कीमती लकड़ी के पेड़ खड़े है जबकि भूमि की कीमत करोडो में बताई जा रही है।गौरतलब है की प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सरकारी भूमि को कब्ज़ा मुक्त करने के अधिकारियो को सख्त निर्देश दे चुके हैं।
दरअसल नगला ऐमाद गांव की ग्राम प्रधान अपने गांव के विकास को लेकर बेहद गंभीर है जिसके चलते वह गांव के विकास को लेकर लगातार प्रायसरत हैं। कुछ ग्रामीणों द्वारा सीमा देवी से ग्राम समाज की भूमि को कब्ज़ामुक्त करने की अपील की थी जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए बीती 18 अक्टूबर को जिलाधिकारी से लेकर रूड़की जॉइंट मजिस्ट्रेट और उत्तराखण्ड शासन में शिकायत की थी जिसे अधिकारियो ने गंभीरता से लिया है।
इस बाबत ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना है की नगला ऐमाद गांव का खसरा नंबर 191 एवं 193 खलिहान की भूमि दर्ज है जिसमें बेशकीमती लकड़ी के वर्षो पुराने पेड़ भी खडे है। इस भूमि पर छतरपाल, पूरणचंद,ओमकार सिंह पुत्रगण स्वर्गीय अमर सिंह द्वारा अपने मकान बना रखे हैं इतना ही नहीं वर्षो पुराने आम, शीशम, पापुलर, युके लिपटीस और जामुन जैसे पेड़ आज भी मौजूद हैं हालांकि अधिकांश पेड़ छत्रपाल आदि द्वारा अवैध रूप से काट भी लिए गए है जब इसकी शिकायत उन्होंने अधिकारीयों से की तो कब्ज़ेधारी लोग बौखला गए और उन्होंने उलटे सीधे भरस्टाचार के आरोप उनके ऊपर लगा दिए यहाँ तक की कुछ पोर्टल और समाचार पत्रों में मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया जिससे मेरा परिवार काफी मानसिक तनाव से गुज़र रहा है। प्रधान सीमा देवी ने कहा की जो आरोप उनके ऊपर लगाए गए हैं वह बेबुनियाद और औचित्तयहीन हैं इससे गांव की और उनके परिवार की भी बदनामी हुई है। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया की उन पर ढाई करोड़ के गबन के आरोप लगाए गए है अगर यह आरोप सच साबित होते है तो वह अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देंगी लेकिन किसी के दबाव में नहीं आएँगी अब वह गांव की एक एक इंच भूमि कब्ज़ा मुक्त कराकर रहेगी। उन्होंने कहा की ग्राम प्रधान अपने गांव को बेहतर बनाना चाहता है लेकिन कुछ गलत मानसिकता के लोगों को यह सब बर्दाश्त नहीं होता और वह उलटे सीधे आरोप लगाते है। सीमा देवी ने चेतावनी दी की अगर उन पर बेवजह इस तरह के आरोप लगाए गए तो वह शांत नहीं बैठेंगी। इस अवसर पर उनके पति गजेंद्र सिंह एडवोकेट भी मौजूद रहे।





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