आरिफ नियाज़ी।
रूड़की खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय कुछ और नहीं बल्कि एम डी एम योजना को लेकर चर्चा में है। रूड़की और आसपास के मान्यता प्राप्त अरबी मदरसों में संचालित एम डी एम योजना शिक्षा विभाग के लिए धन उगाही का माध्यम बन गई है। शिक्षा विभाग रूड़की के अधिकारी अब सरकारी स्कूलों के बजाए अरबी मदरसों के औचक निरिक्षण को अधिक प्राथमिकता दे रहे है।
रूड़की के कुछ मदरसा संचालको में इस मामले को लेकर बेहद रोष व्याप्त है और उन्होंने इसकी शिकायत जिला अधिकारी से लेकर शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारियो से कर डाली है मदरसे के संचालकों ने पत्र लिखकर खंड शिक्षा अधिकारी उनकी गाडी के ड्राइवर और एम डी एम की महिला बाबू पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। जिससे शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। पत्र में कहा गया है कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने चालक के साथ औचक निरीक्षण करते है ।जिसमें खामियां मिलने पर उन्हें डराया धमकाया तक जाता है। हाल ही में एक मदरसे से जांच के नाम पर एम डी एम रजिस्टर, भोजन माता का उपस्थिति रजिस्टर और अन्य मूल कागज़ात लेकर चले गए। अब उनका वाहन चालक मामले को रफा दफा करने की एवज में साहब के नाम पर मोटी रकम देने की मांग कर रहा है। ना देने पर एम डी एम बंद करने की धमकी भी दे रहा है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है की सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार है वह केवल एक मदरसे में गए थे जहाँ एम डी एम में बड़े पैमाने पर खामियां मिली है जिन्हे नोटिस दिया गया है फिलहाल सोमवार को सभी मदरसा संचालको की बैठक बुलायी गई है जिसमें पूरी तस्वीर साफ हो जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग के कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।





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