आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड में अरबी मदरसों पर लगातार हो रही कार्यवाही को जमीयत उलेमाए हिन्द ने गंभीरता से लिया है हाइकोर्ट के आदेश के बाद अब जल्द ही उत्तराखण्ड के मदरसा प्रकरण को लेकर जमीयत उलेमाये हिन्द हाइकोर्ट की डबल बैच में जा सकती है इसके लिए अगले सप्ताह दिल्ली में होने वाली जमीयत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। रूड़की के मखदूम बख्श अरबी मदरसे में जमीयत की एक बैठक में पहुंचे जमीयत उलेमा ए हिन्द के राष्ट्रीय सचिव मौलाना हकीमुद्दीन ने कहा की जमीयत ने उत्तराखण्ड और उत्तरप्रदेश में अरबी मदरसों पर हो रही कार्यवाही को गंभीरता से लिया है मदरसा मालिकों को मायूस होने की आवश्यकता नहीं है जल्द ही अरबी मदरसे और बेहतर तरीके से चलेंगे इसके लिए कोशिशे लगातार जारी हैं।
गौरतलब है की उत्तराखंड में कुल 482 अरबी मदरसे उत्तराखंड मदरसा बोर्ड में पंजीकृत है जबकि 88 अरबी मदरसों की फाईल मदरसा बोर्ड में मान्यता के लिए जमा है जिन्हे बोर्ड की बैठक ना होने के चलते आज तक भी मान्यता नहीं मिल सकी है। ख़ास और दिलचस्प पहलु यह है की 162अरबी मदरसों की फाईल खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रही है जो आज तक भी मदरसा बोर्ड के कार्यालय में नहीं पहुँच पाई हैं। जिसके चलते अरबी मदरसों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। हालाँकि अब जमीयत इस बात को हाईकोर्ट की डबल बैच में रख सकती है की अरबी मदरसे केवल धार्मिक शिक्षा देने के लिए होते है और धार्मिक शिक्षा के लिए किसी बोर्ड की आवश्यकता नहीं होती इसलिए अरबी मदरसों की सील खोलने की अनुमति दीं जाए। बारहाल दिल्ली में होने वाली जमीयत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर सभी की नज़र रहेगी क्या निर्णय जमीयत लेगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।जमीयत की बैठक में बोलते हुए राष्ट्रीय सचिव मौलाना हकीमुदीन ने कहा की
पंजाब और हिमाचल में बाढ़ से हालात बेहद खराब है जिसके लिए जमीयत उलेमा ए हिन्द मदद के लिए आगे आई है उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से जमीयत के लोग पंजाब में खाद्य सामग्री भेजनें का काम कर रहे हैं रूड़की में मदरसा मखदूम बख्श में लोग पंजाब के लिए अपनी मदद जमा कर सकते हैं। वहीं जमीयत के प्रदेश उपाध्यक्ष मास्टर अहसान ने बताया की पंजाब राज्य में बड़ी आपदा आई है लोग बेघर हो चुके है ऐसे में उनकी मदद के लिए जमीयत ए उलेमा ए हिन्द बढ़चढ़कर मदद के प्रयास करेंगी।
इस मौक़े पर जमीयत के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आरिफ कासमी, उपाध्यक्ष मास्टर अहसान, ज़िलाध्यक्ष मौलाना हारून, मौलाना शमशाद, मौलाना नसीम, कारी उस्मान, मौलाना जाफर,मोहम्मद समी एडवोकेट, आदि मौजूद रहे।





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