आरिफ नियाज़ी
उत्तराखंड का शिक्षा विभाग अपनी जिम्मेदारी को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक स्कूल से अध्यापक एक साल से अधिक समय से अनुपस्थित है लेकिन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है।अब स्कूल के प्रधानाध्यापक के पत्र ने उक्त शिक्षक की पूरी पोल खोल दी तो शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया ।अब अधिकारी उक्त शिक्षक को रिलीव करने के दावे कर रहे हैं।
दरअसल शिक्षा विभाग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रुड़की के मूलदासपुर जूनियर हाईस्कूल के विज्ञान वर्ग के एक शिक्षक पिछले एक वर्ष से अधिक समय से अपने विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे है दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारी आँखों पर पट्टी बाँधे तमाशबीन बने हुए हैं । यह मामला तब प्रकाश में आया जब स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा उच्च अधिकारियों को शिकायत की गयी कि उक्त शिक्षक 26-अप्रैल -2023 से बिना किसी सूचना के जूनियर हाई स्कूल मूलदासपुर से अनुपस्थित है।
हालांकि इस बाबत स्कूल के प्रधानाध्यापक एवं अध्यक्ष विद्यालय प्रबन्ध समिति जूनियर हाईस्कूल मूलदासपुर द्वारा संयुक्त शिकायती पत्र जिला शिक्षा अधिकारी हरिद्वार आशुतोष भंडारी को भेजा जिसमें कहा गया कि बिना किसी सूचना के एक सहायक अध्यापक बिना किसी विघागीय अनुमति के अनुपस्थित हैं।जबकि उप शिक्षा अधिकारी रूडकी के आदेश संख्याः वे0-04/101/कार्यमुक्ति/2023-24 दिनांक 17 अप्रैल 2023 के क्रम में प्रधानाध्यापक जूनियर हाईस्कूल कलियर रूडकी के आदेश संख्याः-662/कार्यमुक्त्ति/2023-24 दिनाक 25 अप्रैल 2023 के द्वारा शिक्षक को मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने हेतु कार्यमुक्त भी कर दिया गया था। लेकिन पुनः रुड़की उप शिक्षा अधिकारी के द्वारा आदेश संख्याः बे० 04/34/कार्यमुक्ति/2023-24 दिनांक 15 मई 2024 को अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने हेतु अन्तिम चेतावनी देते हुए आदेशित किया गया था । लेकिन सहायक अध्यापक लगातार उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते रहे।जिसके चलते आदेश में कहा गया कि उक्त शिक्षक तीन दिन के भीतर अपने मूल विद्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करे तथा कृत कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराये। अन्यथा ऐसी स्थिति में उक्त शिक्षक के विरूद्ध उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 ( संशेधित) के तहत विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जायेगी, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व उक्त शिक्षक का होगा। इस बाबत जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी से हुई फोन पर वार्ता के क्रम में उन्होंने बताया कि मामला बेहद गंभीर है मेरे संज्ञान में है अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही अवश्य की जाएगी।अब देखना यह है कि विभाग उक्त शिक्षक के खिलाफ क्या कार्यवाही कर पाता है।





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