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भगवानपुर में मीटर रीडर लगा चुके उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम को लाखों का चूना,ऊर्जा निगम ने कसा शिकंजा, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

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आरिफ नियाज़ी

बिजली उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम को मीटर रीडर किस तरह से चुना लगा रहे हैं इसका अंदाजा बिजली उपभोक्ताओं समेत ऊर्जा निगम के अधिकारियों तक को भी नहीं है।आलम यह है की भगवानपुर और रुड़की में मीटर रीडरों ने बड़ा खेल खेला है मामला सामने आने पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।भगवानपुर डिविजन के अधिशासी अभियंता की जांच में जो खुलासा हुआ है उससे ऊर्जा निगम के बड़े अधिकारियों तक में पूरी हलचल मचा दी है।

दरअसल ऊर्जा निगम की जांच में बड़े खुलासे हो रहे हैं भगवानपुर और मंगलौर के मीटर रीडरों ने रिश्वत लेकर उपभोक्ताओं के मीटर ही फूक डाले इतना ही नहीं मोटी रकम के बिलों को भी बेहद कम कर दिया गया ।उपभोक्ताओं के मीटर सामने आने के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उनमें मीटर रीडर ने ना सिर्फ उपभोक्ताओं से मिलकर रीडिंग कम करने का खेल खेला है बल्कि यह धांधली ना खुल पाए इसके लिए मीटरो को ही जला दिया गया।

गहनता से जब इसकी जांच की गई तो मीटर रीडिंग का काम देखने वाली निजी कंपनी के मीटर रीडर ने उपभोक्ताओं से मिलकर इस पूरी धांधली को अंजाम दिया। मीटर रीडर का यह खेल कब से चल रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं है लेकिन ऊर्जा निगम की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उससे ऊर्जा निगम के अधिकारी भी हैरान हैं इतना ही नहीं ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने अब ऐसे चार कर्मचारियों के खिलाफ भगवानपुर पुलिस को तहरीर भी दी है

जबकि मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर ऊर्जा निगम ओपचारिकता पूरी करने में जुटा हुआ है कुछ कर्मचारियों पर ऊर्जा निगम मेहरबान होता भी नजर आ रहा है आखिरकार अभी तक ऐसे सभी रीडरों पर सख्त कार्यवाही क्यों नहीं की गई इस मामले में कहीं ना कहीं ऊर्जा निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी नजर आ रही है। हालंकि ऊर्जा निगम कंपनी के आला अधिकारियों को भी इस बाबत सूचित कर चुका है। हालांकि इस मामले में मीटर रीडर कंपनी का जो सर्किल प्रभारी है उसकी भी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता । फिलहाल ऊर्जा निगम के अधिकारी पूरी गहनता से जांच करने में जुटे हुए हैं।

अब सवाल यह है की इस कंपनी के सर्किल इंचार्ज के खिलाफ ऊर्जा निगम के अधिकारी कब तक ठोस कार्यवाही कर पाते है।वहीं इस बाबत ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अमित कुमार का कहना है की जांच जारी है कोई भी कर्मचारी नहीं बख्शा जाएगा उनके पास पर्याप्त सबूत आ चुके हैं इस तरह की बड़ी लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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