आरिफ़ नियाज़ी
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के वरिष्ठ नेता जगजीवन राम को आत्मदाह की चेतावनी देना भारी पड़ा है। पुलिस ने जगजीवन राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन की इस कार्यवाही से भाजपा नेता जगजीवन राम के परिजनों और उनके समर्थकों में भारी रोष है।जगजीवन राम के भाई रोहित कुमार ने चेतावनी दी है कि पुलिस प्रशासन जगजीवन राम के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं जबकि जगजीवन राम अपने लिए नहीं बल्कि चकबंदी विभाग में व्याप्त भरस्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
जगजीवन राम ने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।लेकिन पुलिस नेउनके साथ मुजरिमों जैसा व्यवहार करते हुए उन्हें घर से उठाकार जेल में डाल दिया जिसके खिलाफ उनके परिजन शुक्रवार को जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।जगजीवन राम के भाई रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि 10अप्रैल 2021 को प्रशासन ने उनकी मांगों के हल करने के लिए दो माह का आश्वासन दिया था जो नहीं हो सका अब पुनः 16 अप्रैल से जगजीवन राम ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घर से गिरफ्तार कर जॉइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।वहीं
दूसरी तरफ जॉइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए अपर उपजिलाधिकारी,तहसीलदार और अपर तहसीलदार रुड़की को जांच समिति में रखा गया है जिसकी बैठक 26 अप्रैल को तहसील कार्यालय में रखी गई है। जगजीवन राम की मांगों पर तहसील प्रशासन बेहद गंभीर नज़र आ रहा है।

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