आरिफ़ नियाज़ी
नगर पंचायत झबरेड़ा के खिलाफ वन अधिनियम संरक्षण की धाराओं में केस दर्ज करने के बाद अब वन विभाग पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आ रहा है वन विभाग अब जांच की बात कर रहा है। वन रेंजर मयंक गर्ग ने साफ किया कि अभी तक नगर पंचायत की कूड़ा डालने को लेकर कोई भूमिका सामने नहीं आई है जब तक किसी मामले की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती तब तक कुछ भी कहना बेहद मुश्किल है जांच से पहले किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने बताया कि कूड़ा नगर पंचायत ने डाला है इसकी कोई पुख्ता जानकारी उन्हें नहीं मिली है अगर इसमें नगर पंचायत की भूमिका होगी तब भी विभाग अपनी कार्यवाही करेगा।उन्होंने कहा कि इतना ज़रूर है कि कूड़े डालने से कुछ पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है अभी जांच की जयेगी की कूड़ा किसी ने भूलवंश डाला है या जानबूझकर डाला है।पेड़ों को किसने नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि अभी ये साफ नहीं कहा जा सकता कि कूड़ा डालने में नगर पंचायत झबरेड़ा की कितनी भूमिका है। हालांकि जांच में कोई भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।गौरतलब है कि मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों ने नगर पंचायत पर पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाने पर केस दर्ज किया था लेकिन एक दिन बाद ही वन विभाग के अधिकारी अब पूरे मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।
वन रेंजर मयंक गर्ग ने बताया कि मामला गंभीर है कूड़े से सात पेड़ों को भारी क्षति हुई है कूड़ा किसने डाला है अभी इसकी जांच की जाएगी। नोटिस देने से कोई आरोपी नहीं बन जाता जब तक जांच ना हो तब तक कुछ भी कह पाना बेहद मुश्किल है।




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