आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कलियर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अरबी मदरसों का गहन और बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र के शिक्षा ढाँचे की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया, जहाँ कई मदरसों में कमियाँ उजागर हुईं, तो वहीं कुछ मदरसों की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और बेहतरीन रखरखाव ने प्राधिकरण के अध्यक्ष को बेहद प्रभावित भी किया।निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि क्षेत्र के कई अरबी मदरसे बिना शिक्षा विभाग की औपचारिक मान्यता के ही संचालित हो रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित मदरसा संचालकों से जवाब-तलब किया है।
दूसरी ओर, मदरसा संचालकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनकी मान्यता संबंधी फाइलें शिक्षा विभाग में प्रक्रियाधीन हैं और जल्द ही मान्यता मिलने की उम्मीद है। संचालकों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कई मदरसों का आवश्यक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।
हालांकि निरीक्षण के दौरान जिन मदरसों में व्यवस्था संबंधी कमियाँ या दस्तावेज अधूरे पाए गए, डॉ. गांधी ने मदरसा संचालकों को बड़े ही संतोषजनक और आत्मीय तरीके से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने संचालकों को शिक्षा के तय मानकों का पालन करने और जल्द से जल्द सभी कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं
निरीक्षण अभियान के दौरान जब प्राधिकरण के अध्यक्ष कलियर स्थित मदरसा कादरिया सावरिया बरकाते रज़ा पहुंचे, तो वहां का माहौल और व्यवस्था देखकर वे बेहद प्रसन्न (गदगद) हुए।
इस मदरसे में दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का एक बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। मदरसे में
कंप्यूटर लैब और समृद्ध पुस्तकालय बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए सुसज्जित कंप्यूटर लैब की व्यवस्था।और मदरसा परिसर में स्वच्छता विशेष ध्यान रखा गया था।कई सौ बच्चे एक साथ पारंपरिक तालीम के साथ-साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा ले रहे थे। इस मौके पर डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि इस प्रकार के उत्कृष्ट संस्थानों को ‘मॉडर्न मदरसा’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ नियमित रूप से आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी ढाँचा और सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने बेडपुर, मुकर्रबपुर, कलियर शरीफ और रुड़की क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन अरबी मदरसों का दौरा किया। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित संस्थान शामिल रहे जिनमें
जामिया सिराजू तुल उलूम साबरी जूनियर हाई स्कूल,जे.एस.एस. जूनियर हाई स्कूल, बेडपुर
मदरसा दारुल उलूम जामिया इस्लामिया अरबिया शमसुल उलूम, मुकर्रबपुर
जामिया इस्लामिया अरबिया शमसुल उलूम साबरी (किलकिली साहब दरगाह के पास, कलियर शरीफ)
मदरसा इस्लामिया अरबिया साबिरया, नई बस्ती, कलियर और मदरसा मखदूम बख्श जामिया इस्लामिया, सोत मोहल्ला, रुड़की शामिल है।





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