आरिफ नियाज़ी
रूड़की राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की संपत्ति पर अवैध कब्जों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-12, रुड़की में पिछले कई वर्षों से एक कक्षा-कक्ष पर जमाए गए अनधिकृत कब्ज़े को खाली कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संबंधित व्यक्ति को पूर्व में कई बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा बार-बार आदेशों की अवहेलना की गई।
दरअसल 8 फरवरी को भी प्रधानाध्यापक ने उप शिक्षा अधिकारी को परिसर खाली कराने के लिए पत्र भेजा था जिसके चलते 26 फरवरी 2026 में जांच आख्या में अवैध कब्ज़े की पुष्टि हुई थी ।
बीती 24 मार्च 2026 को भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से मौखिक निर्देश दिए गए थे।

जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय परिसर का उपयोग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है। नोटिस में कहा गया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कक्ष खाली कर प्रधानाध्यापक को सुपुर्द नहीं किया गया, तो प्रशासन कठोर कदम उठाएगा जिसके चलते तहसील और पुलिस विभाग की मदद से जबरन बेदखली की जाएगी।इसके अलावा
दोषी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जायेगी और अनुशासनहीनता के तहत विभागीय जांच भी शुरू होगी।अवैध निवास के दौरान हुए बिजली बिल के खर्च और संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई भी संबंधित व्यक्ति से की जाएगी।
“सरकारी संपत्ति का अनधिकृत उपयोग और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द ने बताया की यदि निर्धारित समय में परिसर खाली नहीं हुआ, तो विधिक और दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये
गी।





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