आरिफ़नियाज़ी।
अभी हाल में दिनांक 2 अक्टूबर को भारत में विजय दशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए मनाया जाता है जिसमें हर वर्ष बुराई के प्रतीक के रूप में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते है। मैं अपनी सरकार से बहुत भारी मन से यह पूछना चाहता हु कि अभी भी बुराई के प्रतीक 3 आतंकियों के आका जिसमें हाफिज सईद, अजहर मसूद, दाऊद इब्राहिम जैसे लोग पाकिस्तान में जिंदा बैठे है । इनका दमन कब होगा । हमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक अच्छा मौका इनके दमन का मिला था लेकिन हमारी सरकार ने अचानक सीज फायर कर दिया । जिसका नतीजा यह हुआ कि आतंक के तीनों आका तो जिंदा बचे ही ओर पाकिस्तान को भारत के खिलाफ ज़हर उगलने का हमने मौका दे दिया। एक पुरानी कहावत हैं कि सांप का फन जिस समय दिखाई दे उसी वक्त कुचल देना चाहिए। जिससे वो फिर कभी जहर उगलने के लायक ना बचे। पाकिस्तान भी भारत के लिए एक सांप की तरह है । ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारतीय सेना इसका फन कुचलने के लिए तैयार बैठी थी तभी भारत ने अचानक से सीज फायर कर दिया। और पाकिस्तान रूपी सांप को जिंदा छोड़ दिया। यही कारण है। कि आज पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में जाकर भारत के खिलाफ ज़हर उगलता है। आज अमेरिका पुर्ण रूप से पाकिस्तान की गोद में बैठ चुका है। और पाकिस्तान भी अमरीका को अपने साथ लगाने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। यही कारण है कि अभी हाल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उनके रक्षा चीफ मुल्ला मुनीर अमेरिका गए थे। जहां उन्होंने अमेरिका को खुला ऑफर दिया कि अमेरिका पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अपना पोर्ट बना ले। और बलूचिस्तान के खनिजों का भी अमेरिका से सौदा कर आए। अगर अमेरिका बलूचिस्तान में अपना पोर्ट या सैनिक बेस बना लेता है तो भारत के विदेश मंत्रालय को इसपर अपनी पैनी नज़र रखनी चाहिए। मेरा मानना है कि पाकिस्तान से अगला युद्ध जल्द ही जनवरी के अंत तक होना निश्चित है। जिसके लिए भारत को हमेशा तैयार रहना चाहिए। यदि अगला युद्ध हुआ तो अमेरिका पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा। जो एक भारत के लिए चुनौती होगी । इस लिए भारत के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को इस समस्या की तरफ भी अपनी पैनी नज़र रखनी चाहिए।





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