आरिफ नियाज़ी।
रुड़की के सरकारी स्कूलों में कार्यरत सैंकड़ों भोजन माताओं ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया ।इस दौरान भोजन माताओं ने जोरदार नारेबाजी भी की।भोजन माताओं का आरोप था कि स्कूलों में उनसे सबसे अधिक कार्य लिया जाता है झाड़ू से लेकर शौचालय तक साफ कराए जाते हैं जिसे भोजन माता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगी।भोजन माताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्कूलों में एम डी एम की ठेका प्रथा को तत्काल समाप्त किया जाए,भोजन माताओं का मानदेय हर माह के प्रथम सप्ताह तक मिलना चाहिए। दुर्घटना में घायल भोजन माताओं को तत्काल पांच लाख का बीमा मिलना चाहिए। भोजन माताओं को 60 साल होने पर वेतन से आधी पेंशन मिलनी चाहिए। स्कूलों की रसोई में चूल्हे बंद कर गैस उपलब्ध कराया जाए ,बच्चों की अनिवार्यता खत्म की जाए,राजनैतिक कारणों से भोजन रसोईया को ना हटाया जाए। इस मौके पर भोजन माताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा जिसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा ने उन्हें सहयोग करने का आश्वासन दिया है।





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