आरिफ नियाज़ी।
रुड़क में इंडियन ऑयल मानव सेवा समाज संस्था के माध्यम से दिव्यागों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दे रहा है जिससे अब दिव्यांग भी घर बैठे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं।इंडियन ऑयल दिव्यागों को मोमबत्ती, नर्सरी विकास, नहाने का साबुन,शैंपू,स्क्रीन प्रिंटिंग और केंडिल आदि बनाने का प्रशिक्षण दे चुका है जिसके लिए कोर्स पूरा करने पर सभी दिव्यांगों को चार चार हजार के चैक और प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र दिए गए।दरअसल रुड़की सिविल हॉस्पिटल के दिव्यांग पुनर्वास कार्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंची इंडियन ऑयल की जी एम एच आर श्रीमती आशालता सचदेवा ने कहा कि इंडियन ऑयल दिव्यांगो के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है दिव्यांगो को घर बैठे रोजगार मिले इसके लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि स्वरोजगार सीखने के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को चार हजार का मानदेय भी दिया गया है ताकि वह ठीक तरह से हर रोज केंद्र पर पहुंचकर स्वरोजगार का प्रशिक्षण हासिल कर सके।उन्होंने कहा कि दिव्यांग अपने आपको बोझ ना समझे मजबूत इरादे और इच्छाशक्ति से सभी कार्य आसानी से हो सकते हैं।दिव्यांगों का भी स्वरोजगार का सपना पूरा हो और वह रोजगार की मुख्यधारा से जुड़े उसके लिए इंडियन ऑयल की पूरी टीम दिव्यांगों के लिए हर समय तैयार है।वहीं मानव सेवा समाज के मुख्य कार्यधिकारी आशीष गिरी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले लंबे समय से दिव्यागों के उत्थान के लिए काम कर रही है दिव्यांग अपने आपको किसी भी तरह से पीछे नहीं माने उनके लिए सरकार की भी कई कल्याणकारी योजनाएं हैं तो वहीं इंडियन ऑयल के माध्यम से उनकी संस्था बेहतर कार्य कर रही है।जल्द ही कुछ नया नजर आएगा। इस मौके पर कौशल विकास के डॉ जितेंद्र मुदलियार और देवी प्रसाद देवलियार आदि ने भी अपने विचार रखे।इस मौके पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक तनवीर आलम,प्रशिक्षक उमा प्रजापति आदि मौजूद रहे।





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