आरिफ नियाज़ी
रुड़की रामनगर में शिक्षा विभाग की भूमि पर रह रहे बागड़ियों का मामला अब तूल पकड़ गया है।तहसील प्रशासन बागड़ियों से भूमि मुक्त कराकर किसी दूसरे स्थान पर आवास बनाकर बसाना चाहता है इसके लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।आज रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा,तहसील प्रशासन, और नगर निगम की टीम के साथ खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे जहां उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी ,नगर निगम अधिकारियों के के साथ बैठक की।
उन्होंने बैठक में साफ किया कि शिक्षा विभाग की भूमि को जल्द खाली कराकर बागड़ियों के सभी परिवारों को अन्य स्थानों पर बसाया जायेगा जिसके लिए उन्होंने नगर निगम और तहसील प्रशासन को जल्द से जल्द जगह चिन्हित करने के आदेश भी दिए ताकि शिक्षा विभाग की भूमि को खाली कराया जा सके।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की भूमि पर पिछले लंबे समय से बागड़ियों के लगभग पच्चीस तीस परिवार रहते चले आ रहे हैं जो अपना कारोबार भी सड़क किनारे करते हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग को अपनी बेशकीमती भूमि पर बिल्डिंग का निर्माण कराना है जिसके लिए इस भूमि को खाली कराना बेहद आवश्यक है। अब तहसील प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी बागड़ियों को किसी दूसरे स्थान पर आवास बनाकर देंगे जिसके लिए जल्द ही भूमि का चयन किया जायेगा।
भूमि के चयन की जिम्मेदारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा द्वारा तहसील प्रशासन के अलावा नगर निगम के अधिकारियों को सौंपी है। ताकि शिक्षा विभाग की बिल्डिंग का निर्माण शुरू किया जा सके।इस बाबत भाजपा जिला अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी परिवार को उजाड़ना नहीं बल्कि बसाना चाहती है इसलिए इन बागड़ियों को भी जल्द दूसरे स्थान पर आवास बनाकर दिए जाएंगे।
ताकि शिक्षा विभाग की बिल्डिंग का निर्माण हो सके।उन्होंने कहा कि बागड़ियों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिले और वह विकास की मुख्यधारा से जुड़े इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे।इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी आकांक्षा राठौर के अलावा नगर निगम के अधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





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