आरिफ़ नियाज़ी
आज़ादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी रूड़कीं के भगवानपुर चंदनपुर गांव का आज तक भी कोई विकास नहीं हो पाया है।आलम यह है कि गांव में पानी की टँकी का निर्माण तो हुआ लेकिन उसमें भी खामियां ही खामियां टंकी में पाईप लाइन जो डाली गई वह सफल नहीं हो पाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बने दो साल से अधिक का समय हो चुका है लेकिन उसमें आज तक भी डॉक्टर नहींआज तक भी बिल्डिंग विभाग को हैंडओवर नहीं हुई।
केवल कहने को तो गांव का विकास हुआ लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ सभी बिल्डिंग शो पीस बनकर रह गई हालांकि ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक के काफी चक्कर लगा कर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान नोशाद अली का कहना है कि उनके गांव का आज तक भी कोई विकास नहीं हो पाया है आज़ादी के बाद भी भगवानपुर चंदनपुर गांव विकास से पूरी तरह से वंचित है। सबसे अधिक परेशानी बालिकाओं की शिक्षा को लेकर है अगर उनके गांव में हाईस्कूल और इंटर कॉलेज होते तो लड़कियों को गांव से बाहर ना जाना पड़ता।
आज अधिकांश लड़कियां गांव से बाहर तालीम हासिल करने नहीं जा पाती जिसके चलते वह अपने घर की चार दीवारी में कैद होकर रह जातीं हैं।प्रधान नोशाद अली ने कहा कि उनका प्रयास है कि गांव की शिक्षा स्वास्थ्य और पेयजल आदि की व्यवस्था बेहतर हो और जल्द ही लोग शो पीस बन चुकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,और टंकी का लाभ उठा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उनके गांव की नुमाइंदगी की विधायक से लेकर सांसद तक ने इस गांव से वोट तो हासिल किए लेकिन यहां कोई विकास नहीं किया जिसका खामियाजा भगवानपुर चंदनपुर गांव की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रधान नोशाद ने कहा कि जिस उम्मीद और विश्वाश के साथ जनता ने उन्हें मौका दिया है उस पर वह खरा उतर कर दिखाएंगे। फिलहाल उन्होंने सभी गांव के पात्र लोगों के पेंशन और राशन कार्ड आदि की व्यवस्था की जा रही है जल्द ही गांव के अस्पताल और स्कूल को लेकर भी आला अधिकारियों से वार्ता करेंगे।

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