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मुकर्रबपुर जूनियर हाईस्कूल में प्रवेश ना करने की शिकायत निकली झूठी,उप खंड शिक्षा अधिकारी ने की थी जांच, प्रधानध्यापक पर सौ छात्र दर्शाने का दबाव बना रहे थे कुछ पदोन्नत हैडमास्टर

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आरिफ़ नियाज़ी

कलियर के मुकर्रबपुर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानध्यापक की गई शिकायत उप खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में झूठी पाई गई है। गौरतलब है कि मुकर्रबपुर गांव निवासी जूनियर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानध्यापक की ग्रामीणों ने कक्षा 6 में प्रवेश ना करने की शिकायत ज़िला शिक्षा अधिकारी से करते हुए कहा था  प्रधानध्यापक शमशुद्दीन  बच्चों के प्रवेश नहीं कर रहे हैं इतना ही नहीं प्रवेश करने पर ना ही कोई गंभीरता दिखा रहे हैं कक्षा 6 के काफी बच्चे स्कूल में प्रवेश करने से वंचित रह गए हैं।ज़िला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच  उप खंड शिक्षा अधिकारी रुड़की सुबोध मलिक को सौंपी थी  जिसके चलते उप खंड शिक्षा अधिकारी दो दिन बाद मुकर्रबपुर जूनियर हाईस्कूल में पहुंचे जहां उन्होंने स्कूल का बारीकी से निरीक्षण किया तो वहीं  प्रधानाचार्य  शमशुद्दीन से शिकायत के बारे में जानकारी ली।

मौके पर उप खंड शिक्षा अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया था जिन्होंने इस तरह की कोई शिकायत करने से साफ इनक़ार कर दिया।इस बाबत  स्कूल के प्रधानाध्यापक शमशुद्दीन ने बताया कि वहअ तक अपने स्कूल में 88 छात्रों के प्रवेश कर चुके हैं।उन्होंने कहा कि कुछ पदोन्नत हैडमास्टर  उन पर स्कूल में सौ छात्र दिखाने का दबाव बना रहे थे जिससे उन्हें इस स्कूल में तैनाती मिल सके लेकिन  ऐसा वह  नहीं कर  सकते थे इसलिए एक साजिश के तहत उनकी शिकायत ज़िला शिक्षा अधिकारी से झूठी शिकायत की गई।

उन्होंने झूठी शिकायत करने वालों की जांच कराने की भी मांग की है।वहीं उप शिक्षा अधिकारी सुबोध मलिक ने बताया कि उन्हें स्कूल में प्रवेश ना करने की शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच की गई  जांच में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है।

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