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रूडकी के कर्नल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर अदनान मसूद ने लगाया एक व्यक्ति पर धमकी देने और पांच लाख वसूलने का आरोप, पुलिस जुटी जांच में, डॉक्टर को राष्ट्रपति और सयुंक्त राष्ट्र के फोर्स कमांडर द्वारा भी किया जा चुका है सम्मानित

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आरिफ़ नियाज़ी

एक तरफ जहां कोरोना जैसी महामारी में  लोगों को उपचार के लिए भले ही इधर उधर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े हों लेकिन   वहीं  रूडकी शहर के कुछ हॉस्पिटल ऐसे भी हैं  जिन्होंने बेहतर उपचार के चलते  लोगों को नई जिंदगी देने का काम किया  है। जिनमे एक करनल्स हॉस्पिटल भी है। हाल ही में चर्चा में आए  रूडकी के  कर्नलस हॉस्पिटल पर भले ही पुलिस प्रशासन ने  कार्यवाही की हो लेकिन  इस हॉस्पिटल में काफी लोगों  को बेहतर उपचार भी मिला है।

फिलहाल  करनल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर अदनान मसूद ने मोहम्मदपुर के एक व्यक्ति पर जान से मारने की धमकी और पांच लाख की वसूली करने के आरोप  लगाकर सनसनी फैला दी है। डॉक्टर अदनान मसूद ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को एक तहरीर भी दी है जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

दरअसल करनल्स  अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर अदनान मसूद 1999 में डॉक्टर के पद पर आर्मी मेडिकल कोर में मिलिट्री हॉस्पिटल रुड़की में नियुक्त हुए थे डॉक्टर अदनान ने  एक फरवरी 1999 से दिसंबर 2019 तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं बेहद ईमानदारी से प्रदान की जिनकी बेहतर   सेवाओं को  देखते हुए भारतीय सेना ने डॉक्टर अदनान  को उनकी सेवाओं  के दौरान आसाम के इंटीरियर क्षेत्रों में नियुक्त किया  जहां डॉक्टर अदनान  ने लगभग चार  साल तक  अपनी सेवाएं प्रदान की।

हालांकि उस समय ये क्षेत्र आतंकवाद से जूझ रहा  था  लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी  हिम्मत नहीं हारी। खास बात ये है कि डॉक्टर अदनान  की सेवाओं को देखते हुए महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा भी उन्हें  मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।  इसके बाद डॉक्टर अदनान मसूद को एक  अक्टूबर 2010 से नवंबर 2011 तक संयुक्त राष्ट्र के द्वारा संचालित कोंगो के level-3 हॉस्पिटल मैं नियुक्त किया गया जहां पर  उन्होंने ना सिर्फ भारतीय सैनीको बल्कि अन्य देशों के सैनिकों एवं सिविलियन का उपचार  भी बेहतर तरीके से किया जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र के फोर्स कमांडर के द्वारा प्रशंसा पत्र एवं मेडल भी उन्हें  प्रदान किए गए ।

इसके बाद डॉक्टर  अदनान को नवंबर 2011 से अप्रैल 2014 तक जम्मू कश्मीर के उस क्षेत्र में भेजा गया जो आतंकवाद से  जूझ रहा था इतना ही नहीं लगातार वहां पर भारतीय सेना के सैनिकों पर जानलेवा हमले हो रहे थे और वहां पर डॉक्टर अदनान  मसूद   ने भारतीय सैनिकों और उस इलाके में रहने वाले सैनिकों के परिवार जनों का सफल इलाज किया था प्रार्थी को इन सेवाओं के लिए भी महामहिम राष्ट्रपति द्वारा मेडल से उन्हें सम्मानित किया गया ।

डॉक्टर अदनान ने लेह, लद्दाख, दरास एवं कारगिल जैसे एक्सट्रीम कोल्ड एंड डिफिकल्ट terrain में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी सेवा प्रदान की।उसके बाद डॉक्टर अदनान  द्वारा दिसंबर 2019 में  भारतीय सेना से वीआरएस ले लिया गया क्योंकि इसी दौरान दिसंबर माह  2015 में उनका  एक सड़क दुर्घटना में बाया पैर पैरालाइज्ड हो चुका था और दाया हाथ भी बुरी तरह जख्मी हो गया था जिस कारण उनके हाथ और पैर में बेहद परेशानी रहती है इस कारण उन्होंने भारतीय सेना की सम्मानित नौकरी से स्वेच्छा से पीएमआर ले लिया और इसके बाद  उन्होंने  4 जनवरी 2020 में रुड़की के  दिल्ली रोड पर एक अपना हॉस्पिटल बना लिया।

डॉक्टर अदनान मसूद का कहना है कि वो अपना  प्राइवेट हॉस्पिटल खोलकर समाज की सेवा करना चाहते थे इसी लिए उन्होंने  हॉस्पिटल का  नाम कॉलोनल्स हेल्थ केयर मैनेजमेंट सर्विसेज रखा  जिससे गरीब लोगों की मदद हो सके इसी दौरान  करनल्स  हॉस्पिटल में दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी और एक साजिश के तहत उनके हॉस्पिटल पर छापेमारी की घटना को अंजाम दिला दिया  गया।

डॉक्टर अदनान के मुताबिक जिस व्यक्ति ने उनकी शिकायत की वो अपनी मां को लेकर हॉस्पिटल आया था और उसके बाद से ही वो लगातार जान से मारने की धमकी और पाँच लाख की मांग कर रहा है जबकि उसे उसकी मां के उपचार के बारे में पहले ही बता दिया गया था उन्होंने कहा कि  वो उक्त व्यक्ति के  ऐसा करने से बेहद तनाव से गुजरे हैं।फिलहाल उन्होंने पुलिस को तहरीर सौंप दी है।

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