आरिफ नियाज़ी।
उत्तराखण्ड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं क़ो लेकर बेहद गंभीर है लेकिन रूड़की में फ़र्ज़ी डॉक्टर बड़े बड़े अस्पताल खोलकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं हालांकि स्वास्थ्य विभाग ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है लेकिन बावजूद इसके ऐसे डॉक्टरों क़ो सरकार और विभाग का कोई डर नहीं है।
ताज़ा मामला रूड़की के एक नामी मैक्स हेल्थ केयर का है जहाँ मरीज़ों के स्वास्थ्य के साथ किस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है यह दो दिन पहले देखने क़ो मिला जब मुस्तफ़ाबाद गांव निवासी दिव्यांग गर्भवती महिला ज़ुलेखा
अपने अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट दिखाने पहुंची तो अस्पताल के स्टाफ द्वारा उसे आंनन फ़ानन में भर्ती करा दिया गया।महिला के परिजनों का आरोप है की अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है अस्पताल में ज़बरदस्ती भर्ती कराया गया इतना ही नहीं
महिला की हालत बिगड़ने लगी तो उसे आनन फ़ानन में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी जच्चा बच्चा की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं मैक्स हैल्थ केयर के स्टाफ ने पत्र लिखकर अपनी गलती और लापरवाही क़ो माना है। पीड़ित परिवार और महिला के दिव्यांग पति मोमिन ने स्वास्थ्य मंत्री से लेकर सी एम ओ, जिलाधिकारी, जॉइंट मजिस्ट्रेट, कोतवाली प्रभारी समेत महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग से इसकी शिकायत की है। अब दिव्यांग महिला का उपचार एक निजी हॉस्पिटल में चल रहा है।





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