आरिफ नियाज़ी
उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने फलों में रंग और इंजेक्शन लगाकर तैयार किए जाने की खबरों को बड़ी गंभीरता से लिया है।आज रुड़की नवीन कृषि मंडी में पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग के डिप्टी कमिश्नर की टीम ने फलों के दर्जनों गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया लेकिन कहीं पर भी टीम को फलों में रंग या किसी तरह के इंजेक्शन लगाने का मामला नहीं मिला।
हालांकि इस दौरान केले को पकाने में एक विशेष तरह का कैमिकल जरूर सामने आया जिसकी जांच के लिए टीम के अधिकारियों ने लैब को भेज दिया है। दरअसल आज सुबह जैसे ही खाद्य सुरक्षा विभाग के डिप्टी कमिश्नर आर एस रावत ,वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन,जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमा जोशी,,खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडेय और कपिल देव की टीम जैसे ही कृषि मंडी में पहुंची तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने केले,पपीता,खरबूजा,तरबूज आदि फलों को बारीकी से देखा सबसे पहले टीम ने केले के गोदाम का निरीक्षण किया जहां केले को एक विशेष तरह के कैमिकल से तैयार किया जा रहा था जिसका टीम अधिकारियों ने सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजा है हालांकि टीम के अधिकारियों फलों में किसी तरह का कलर और कारबाईट नहीं मिला है ।इस मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग के डिप्टी कमिश्नर आर एस रावत ने बताया की फलों में रंग और इंजेक्शन लगाने की बात पूरी तरह से निराधार साबित हुई है
साबित हुई है लोग अफवाहों पर कोई भी ध्यान ना दें ज्वालापुर और रुड़की कृषि मंडी का उन्होंने गंभीरता से निरीक्षण किया है लेकिन कहीं पर भी इस तरह का मामला सामने नहीं आया है वहीं उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक टोल फ्री नंबर जारी किया है अगर किसी भी व्यक्ति को इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो वह सीधे 18001804246 टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत कर सकते हैं।





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